कैसरबाग डिपो की एक रोडवेज बस की लापरवाही सामने आई है, जहां बिना ड्राइवर साइड का शीशा लगे बस को सड़क पर दौड़ाया जा रहा है। यह बस पालिटेक्निक चौराहे की ओर जा रही थी और उसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। बस के ड्राइवर साइड का शीशा पूरी तरह टूटा हुआ है। ऐसे में रास्ते में धूल, कंकड़ या कोई अन्य वस्तु उड़कर सीधे ड्राइवर की आंख में पड़ सकती है, जिससे बस का नियंत्रण बिगड़ने का खतरा बना रहता है। इससे बस में बैठे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है। इस तरह की खराब बस को सड़क पर उतारना सीधे तौर पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी है। सवाल यह उठता है कि आखिर बिना शीशे वाली बस को चलाने की अनुमति किसने दी। क्या इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारी जिम्मेदार हैं या फिर बस ड्राइवर जो इस हालत में बस चला रहा है।