लखनऊ के कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में भारतीय संगीत महाविद्यालय की ओर से गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ‘गुरु उत्सव’ का सांस्कृतिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संगीत साधकों और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से गुरु वंदना ‘गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु’ के गायन से की। श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति ने सभागार का वातावरण भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के दौरान तबला, बांसुरी और सारंगी जैसे पारंपरिक वाद्यों की शानदार जुगलबंदी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत साधकों की सुरमयी प्रस्तुतियों और वाद्य यंत्रों के समन्वय ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा की झलक प्रस्तुत की। सभागार में मौजूद दर्शकों और अतिथियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित करने के साथ भारतीय संगीत और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा।