एक ओर जहां बीते दिन दिल्ली के लाल किला के पास कार में विस्फोट हुआ। वहीं, दूसरी ओर राजधानी लखनऊ के शताब्दी अस्पताल में जगह जगह छोटे और अवैध तरीके से बिकने वाले सिलेंडर जंजीरों से बंधे हुए हैं। अस्पताल प्रशासन की नजर इस ओर नहीं गई जबकि यह सिलेंडर लंबे समय से ताला और जंजीर से बंधे हुए हैं। यह सिलेंडर तीमारदारों ने अपनी जरूरत के हिसाब से अस्पताल परिसर में रुकने के और भोजन तैयार करने के लिए रखा और अस्पताल से छुट्टी हो जाने के बाद वहीं रेलिंग और अन्य जगहों पर ताला और जंजीर से बांध कर चले गए। वहीं, उनमें गैस भरी हैं और सिलेंडर चालू अवस्था में हैं। फायर फाइटिंग सिस्टम जर्जर पड़े हैं।