कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में दलित पूर्व संसद और पूर्व विधायकों का सम्मान। मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार मौजूद रही। वक्ता के तौर पर प्रो रतनलाल मौजूद रहे। प्रो रतनलाल ने कहा कि जगजीवन राम के जीवन और दलित राजनीति पर शोध करने की जरूरत है।दलित ही नहीं मिडिल क्लास के लिए बाबू जगजीवन राम ने बहुत कार्य किया। प्रो रतनलाल ने कहा कि जब आरक्षण का प्रावधान संविधान में है तो नौकरियां खत्म क्यों हो रही है। इस पर बहस होनी चाहिए। हर कांग्रेस नेता को अध्यक्ष रहते हुए जगजीवन राम ने जो भाषण दिया है उसे पढ़ना चाहिए। वह राजनीतिक ही नहीं सामाजिक, आर्थिक जीवन सुधारने की वकालत करते थे। बाबू जगजीवन राम ने पीएम पद से अपना नाम वापस इसलिए लिया ताकि इंदिरा गांधी पीएम बने। वह मोरारजी देसाई को पीएम नहीं बनाना चाहते थे इसलिए नाम वापस लिया। बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के अनन्य शिष्य थे जगजीवन राम। जबकि rss के लोग विरोधी साबित करने का प्रयास करते हैं। इससे सावधान रहना होगा। इमरजेंसी के बाद का चुनाव जगजीवन राम के नाम पर लड़ा गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा ब्राह्मण समाज को फरसा पकड़ा कर दंगाई बना रहा है। इसलिए समाज के लोग सावधान रहें। भाजपा ब्राह्मण समाज की भी हितैषी नहीं है। पीएम नरेंद्र मोदी बाबा साहब के सामने सिर झुकाएंगे लेकिन उनके विचारों को दफन कर देंगे। सरकार निजीकरण कर रही है। नौकरी खत्म होगी तो ब्राह्मण समाज के लोग भी बेरोजगारी झेलेंगे।। सभी पुरोहित का काम नहीं कर पाएंगे।। इंदिरा गांधी ने दलित ही नहीं ब्राह्मण समाज के लिए भी कार्य किया है। वह ब्राह्मण दलित सहित हर वर्ग के लिए कार्य किया।