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UP Politics: 'भाजपा का संविधान दिवस मनाना एक धोखा है' भड़के Awadhesh Prasad!

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद अवधेश प्रसाद ने संविधान दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान दिवस मनाने का असली अर्थ तभी सिद्ध होगा, जब सत्ता में बैठी सरकार संविधान की मूल भावना और उसकी जड़ों को समझते हुए उसे व्यवहार में लागू करे। लेकिन, उनके अनुसार, वर्तमान सरकार केवल समारोहों और अभियानों के माध्यम से संविधान दिवस को औपचारिकता तक सीमित कर रही है, जबकि वास्तविक रूप से संविधान के सिद्धांतों का हनन किया जा रहा है।

अवधेश प्रसाद ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने जिस संविधान की रचना की, उसमें 26 नवंबर को संविधान की प्रस्तावना को अपनाया गया था। प्रस्तावना में स्पष्ट रूप से लिखा है— हम, भारत के लोग, समाजवाद, पंथनिरपेक्षता, समानता, न्याय और स्वतंत्रता जैसे मूल्यों को स्वीकार करते हैं। उनका कहना था कि यही संविधान देश की अस्मिता और लोकतंत्र का आधार है, लेकिन भाजपा इस भावना को समझने के बजाय इसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विचारधारा के स्तर पर समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता को स्वीकार नहीं करती, जबकि ये दोनों सिद्धांत संविधान की आत्मा में निहित हैं। अवधेश प्रसाद के अनुसार, भाजपा सरकार कथित तौर पर ऐसी परिस्थितियाँ पैदा कर रही है, जो मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करती हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार संविधान में निहित समानता और अधिकारों को सीमित करने की दिशा में बढ़ रही है, जो न केवल चिंताजनक है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भविष्य के लिए खतरनाक संकेत भी है।

अवधेश प्रसाद ने तीखे शब्दों में कहा कि भाजपा का संविधान दिवस मनाना केवल एक "दिखावा" और "धोखा" है, क्योंकि वास्तविकता में वे संविधान के उन मूल तत्वों को ही चुनौती दे रहे हैं, जिनकी रक्षा करने का संकल्प हर सरकार को करना चाहिए। उन्होंने सरकार से संविधान की गरिमा को बनाए रखने की अपील की।
 

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