सैयद सालार मसूद गाजी, महमूद गजनवी का सेनापति और उसका भांजा था। अपने मामा की तरह सालार गाजी भी दिल्ली, मेरठ, बुलंदशहर, बदायूं और कन्नौज के राजाओं को रौंदता हुआ, देवस्थानों को ध्वस्त करता हुआ बाराबंकी तक आ गया था। वह बहराइच पर आक्रमण कर अयोध्या पहुंचना चाहता था, पर 1034 ईसवी में कौशल के महाराजा सुहेलदेव ने उसे और उसकी एक लाख 30 हजार की सेना को भी खत्म कर दिया। आपको बता दें कि सैयद सालार मसूद गाजी की याद में लगने वाले नेजा मेले की प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है। ऐसे में आइए समझते हैं, क्या है पूरा मामला?