कई ऐसे विपक्षी दल हैं जिन्होंने बेंगलुरु में चल रही बैठक से किनारा कर लिया है। इसमें सबसे बड़ा नाम तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर का है। केसीआर की पार्टी बीआरएस अभी तेलंगाना की सत्ता में है और कांग्रेस यहां विपक्ष में है। भाजपा भी इस बार पूरी विधानसभा के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी है। मतलब तेलंगाना की लड़ाई त्रिकोणीय हो चली है। वहीं, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी भी विपक्ष के इस बैठक में नहीं शामिल हुए। इसके अलावा यूपी से बसपा को भी इस बैठक के लिए कोई निमंत्रण नहीं मिला।