बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने छात्र प्रदर्शन पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 75 वर्षीय प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी छात्र आंदोलन किए हैं, लेकिन इस तरह की भाषा बोलने वालों को छात्र नहीं कहा जा सकता। कंगना ने यह भी कहा कि वे 16 साल की उम्र से अपने करियर के लिए काम कर रही हैं और कभी अपने माता-पिता पर बोझ नहीं बनीं।
कंगना के बयान पर CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी अपनी पार्टी में भी लोग कंगना को गंभीरता से नहीं लेते, तो बाकी लोग क्यों लें। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी भी कंगना की बातों को गंभीरता से नहीं लेती और सांसद बनने के बाद उनके पुराने बयानों से उनकी गंभीरता साफ नजर आती है।
वहीं CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कंगना के 'गटर जेनरेशन' वाले बयान पर जवाब देते हुए कहा, "आपने हमें कॉकरोच कहा, गटर कहा, लेकिन याद रखिए, इन्हीं 'कॉकरोचों' ने गटर से निकलकर आपकी सरकार के एक मंत्री को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया।"