देश के लगभग सभी हिस्सों में मानसून ने दस्तक दे दी है और झमाझम बारिश हो रही है। कुछ जगहों पर भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि राजस्थान में आगामी दिनों में भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी हालात सामान्य होने का नाम नहीं ले रहे हैं। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
देश के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश मौसम विभाग ने संभावना जताई है. आईएमडी के मुताबिक अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और पश्चिमी तट पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम गंगीय पश्चिम बंगाल और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक कम दबाव के क्षेत्र बना हुआ है. वहीं एक परिसंचरण के प्रभाव के कारण अगले 3 से 4 दिनों के दौरान मध्य और आसपास के पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक गांगेय पश्चिम बंगाल और आसपास के दक्षिण-पश्चिम गांगेय पश्चिम बंगाल के आसपास के इलाकों में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है.
अगले 2 दिनों के दौरान इसके झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ में धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है. इसके अलावा एक टर्फ दक्षिण राजस्थान से आगे बढ़ रहा है. एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण निचले क्षोभमंडल स्तरों में उत्तरी हरियाणा और उससे सटे हिमाचल प्रदेश के ऊपर बना हुआ है. औसत समुद्र तल पर एक अपतटीय गर्त दक्षिण गुजरात से उत्तर केरल तट तक बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक 8 जुलाई को पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंतरिक ओडिशा और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है. 8 से 13 जुलाई के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा में भयंकर बारिश होने की संभावना है. आईएमडी के मुताबिक अगले 7 दिनों के दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी, बिजली और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है. पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में घने बादल छाए रहेंगे.