Vice Presidential Election: उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव से पहले विपक्ष गठबंधन इंडिया के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया है कि, अगर वो उपराष्ट्रपति बनते है तो क्या करेंगे? इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह अपनी उम्मीदवारी पर विचार करने को लेकर लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को पत्र लिखेंगे। अगर मुझे उपराष्ट्रपति के रूप में सेवा करने का अवसर दिया गया तो वह संविधान की रक्षा करेंगे।
उन्होंने कहा कि संविधान के साथ मेरी यात्रा 1971 में शुरू हुई। जब मुझे आंध्र प्रदेश बार काउंसिल के अधिवक्ता के रूप में नामांकित किया गया। इसके बाद वे उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश बने। बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि मैं किसी भी राजनीतिक दल का सदस्य नहीं हूं। मैं कभी किसी राजनीतिक दल या संगठन का सदस्य नहीं रहा। भविष्य में किसी भी राजनीतिक दल का सदस्य बनने का मेरा कोई इरादा नहीं है। यही कारण है कि मैं एकमात्र उम्मीदवार हूं जो सभी राजनीतिक दलों, रंगों, मतों के सांसदों से अनुरोध कर सकता हूं कि वे मेरी उम्मीदवारी पर उसके गुणों के आधार पर विचार करें।
उन्होंने कहा कि मैं दोनों सदनों के सभी सदस्यों को एक विस्तृत पत्र लिखने का प्रस्ताव करता हूं। मैं सभी सदस्यों को व्यक्तिगत पत्र लिखकर उनसे मेरी उम्मीदवारी पर विचार करने की अपील करता हूं। मैं अपनी अंतरात्मा की आवाज पर अपील करुंगा। यदि मुझे मौका मिला तो मैं भाजपा नेतृत्व से मिलने को तैयार हूं।