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Vandematram Controversy: ओवैसी ने सरकार को जमकर घेरा, जिन्ना को लेकर भी दिया बयान।

Tue, 09 Dec 2025 12:20 PM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

वंदेमातरम् पर लोकसभा में चर्चा हुई तो देश की नजर मुस्लिम सांसदों पर थी कि वो इस मसले पर क्या विचार रखते हैं। धर्म के आधार पर क्या ये नेता वंदेमातरम् का विरोध करते हैं या इसका पूरा समर्थन करते है। मुस्लिम नेताओं में सबसे ज्यादा ओवैसी के वक्तव्य की चर्चा हो रही है। आईए जानते हैं कि ओवैसी ने लोकसभा में वंदेमातरम् पर बोलते हुए क्या-क्या कहा।

एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि देशभक्ति को किसी एक धर्म या पहचान से जोड़ना संविधान के उसूलों के खिलाफ है और इससे समाज में निश्चिततौर पर फूट बढ़ेगी. लोकसभा में ‘राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 साल’ पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए ओवैसी ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को बराबर अधिकार देता है और इस अधिकार को किसी धार्मिक पहचान या निशान से नहीं जोड़ा जा सकता. ओवैसी ने कहा कि वंदे मातरम् को वफादारी का टेस्ट न बनाया जाए.ओवैसी ने कहा कि संविधान ‘हम लोग’ से शुरू होता है, किसी देवी-देवता के नाम से नहीं. ओवैसी ने कहा कि देशभक्ति को किसी एक धर्म या पहचान से जोड़ना संविधान के उसूलों के खिलाफ है और इससे समाज में फूट बढ़ेगी. उन्होंने प्रस्तावना में लिखी सोच, बोलने, विश्वास, आस्था और पूजा की आज़ादी को लोकतंत्र की नींव बताया और कहा कि देश किसी एक धर्म की प्रॉपर्टी नहीं हो सकता।

संविधान सभा में हुई बहस का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् से जुड़े बदलावों पर विचार किया गया, लेकिन प्रस्तावना को किसी देवी के नाम से शुरू करने का प्रस्ताव कभी स्वीकार नहीं किया गया. हैदराबाद के सांसद ने कहा कि भारतीय मुसलमान जिन्ना के कट्टर विरोधी हैं, यही वजह है कि उन्होंने भारत में रहने का फैसला किया. ओवैसी ने कहा कि वंदे मातरम् को वफादारी का टेस्ट न बनाया जाए. ओवैसी ने कहा कि 1942 में, जिन लोगों की इतनी तारीफ की जाती है, उनमें से कुछ के राजनीतिक पूर्वजों ने नॉर्थ-वेस्ट फ्रंटियर प्रोविंस, सिंध और बंगाल में जिन्ना की मुस्लिम लीग के साथ मिली-जुली सरकारें बनाईं. ओवैसी ने कहा कि उन्हीं सरकारों ने 1.5 लाख मुसलमानों और हिंदुओं को ब्रिटिश इंडियन आर्मी में भर्ती किया ताकि वे दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजों के लिए लड़ सकें. कानूनी उदाहरणों का हवाला देते हुए, उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को जबरदस्ती किसी की वफादारी का पैमाना नहीं बनाया जाना चाहिए. ओवैसी ने कहा कि अपने देश से प्यार करना एक बात है, लेकिन देशभक्ति को किसी धार्मिक रस्म या किताब से जोड़ना संविधान के खिलाफ है. 

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