कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने वेनेजुएला की राजधानी पर अमेरिकी हमले पर कहा, "कई देशों ने इस पर चिंता जताई है। सरकार की तरफ से इसपर स्पष्ट चिंता व्यक्त नहीं की गई है लेकिन हमने अपनी पार्टी की तरफ से चिंता जताई है। हमारा मानना है कि किसी भी देश में जो कुछ भी होता है, उसका फैसला उस देश के लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से करना चाहिए और उन्हें ही अपने भविष्य के निर्णय लेने चाहिए।"
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, "हमारे बांग्लादेश के साथ गहरे संबंध रहे हैं; बांग्लादेश हमारे आधुनिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और हम इसे खोना नहीं चाहते। सरकार पर बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को बनाए रखने की बड़ी ज़िम्मेदारी है लेकिन आज वहां जो हो रहा है, उसे हम किसी के साथ होते हुए स्वीकार नहीं कर सकते। आज यह वहां अल्पसंख्यकों के साथ हो रहा है, कल यह किसी और के साथ हो सकता है। जब बांग्लादेश बना था, तो भारत ने उसके निर्माण में इसलिए सहयोग दिया था क्योंकि इंसानियत पर एक प्रहार हुआ था। जब भी इंसानियत पर हमला होता है, चाहे वह धर्म, भाषा या किसी और आधार पर हो, भारत उसे स्वीकार नहीं कर सकता, और इसे हमने स्पष्ट कहा है।"
मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शनिवार तड़के (करीब 2:00 बजे) अमेरिकी वायुसेना के 150 से अधिक विमानों ने वेनेजुएला की राजधानी कराकस (Caracas) और उसके आसपास के सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की। इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी विशेष बलों (Delta Force) ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद मादुरो को तुरंत एक अमेरिकी युद्धपोत पर ले जाया गया और वहां से न्यूयॉर्क लाया गया। उन पर नार्को-टेररिज्म (नशीली दवाओं के आतंकवाद) और मादक पदार्थों की तस्करी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अमेरिका का दावा है कि मादुरो शासन एक "आपराधिक उद्यम" बन चुका था, जो अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी कर रहा था। ट्रंप प्रशासन ने इसे अमेरिकी लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। तेल और संसाधन: राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला का शासन संभालेगा (run Venezuela) जब तक कि वहां सत्ता का उचित हस्तांतरण नहीं हो जाता। उन्होंने वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों को आधुनिक बनाने और उनके आर्थिक लाभ की बात भी कही।