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Up Conversion Isis Case: यूपी में धर्मांतरण रैकेट का खुलासा, ISIS कनेक्शन की जांच में जुटी ATS !

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Sun, 20 Jul 2025 02:34 AM IST

 उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के नाम पर चल रहे एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसके तार देश के छह राज्यों से जुड़े हुए हैं। इस नेटवर्क में शामिल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर आरोप है कि ये लोग नाबालिग और युवा लड़कियों को बहला-फुसला कर या पैसों का लालच देकर धर्मांतरण करवाते थे। इतना ही नहीं, इस रैकेट की कार्यप्रणाली में अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन ISIS जैसी रणनीति और संरचना की झलक मिल रही है।

इस रैकेट के खिलाफ कार्रवाई उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से शुरू हुई, जहां दो बहनों की रहस्यमयी तरीके से लापता होने की घटना ने पुलिस को चौकन्ना किया। आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि 24 मार्च को दो बहनों की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके बाद जब मामले की तफ्तीश गहराई से की गई, तो इसके पीछे एक संगठित धर्मांतरण मॉड्यूल सामने आया।
राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 'मिशन अस्मिता' के तहत महिला सुरक्षा और धर्मांतरण विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इस मिशन की जांच में सामने आया है कि देशभर में लड़कियों को मानसिक और भावनात्मक रूप से कमजोर बनाकर, प्यार या पैसों का लालच देकर उनका धर्म बदला जा रहा है।

डीजीपी ने बताया कि इस रैकेट को अमेरिका और कनाडा से फंडिंग मिल रही थी। फंडिंग के कुछ सुराग मिले हैं, जिसमें कनाडा से सीधे ट्रांजेक्शन की पुष्टि हुई है। यह नेटवर्क PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया), SDPI (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) और पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों से जुड़ा पाया गया है।

ISIS जैसा मॉड्यूल और युवतियों का ब्रेनवॉश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क ISIS की तर्ज पर युवतियों को पहले मानसिक रूप से तोड़ता है और फिर उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलता है। आगरा में पकड़ी गई एक युवती आयशा की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह AK-47 लिए हुए नजर आ रही है। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई और सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच को और तेज किया।

आगरा में जिन दो बहनों की गुमशुदगी की जांच से यह मामला सामने आया, उसमें से एक बहन ने पहले भी घर छोड़ दिया था। उसकी दोस्ती जम्मू-कश्मीर की साइमा उर्फ खुशबू नाम की युवती से थी, जिसने उसका कथित तौर पर ब्रेनवॉश किया। बाद में बड़ी बहन के कहने पर छोटी बहन भी उसी रास्ते पर चल पड़ी और दोनों ने इस धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़ाव बना लिया।
 

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