अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, "...तारीफ ही तारीफ में टैरिफ लग गया और हाउडी मोदी और नमस्ते ट्रंप का कोई फायदा नहीं हुआ। ट्रंप ने 30 बार दावा किया कि उन्होंने युद्धविराम करवाया और इसलिए करवाया था ताकि भारत-अमेरिका के बीच में अच्छा व्यापार समझौता हो। लेकिन वो नहीं हुआ आज ही घोषणा की कि 25% टैरिफ लगेगी और पेनल्टी भी लगेगी...तो हमें इस दोस्ती से क्या मिला? पीएम मोदी चुप हैं...हमारे देश के लिए ये बहुत बड़ा धक्का है
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से प्रेरणा लेनी चाहिए और अमेरिका के राष्ट्रपति के सामने डटकर खड़ा होना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ट्रंप ने भारत से आयात पर 25 फीसदी टैरिफ और जुर्माना लगाया है। उनके और मोदी के बीच की सारी 'तारीफ', 'हाउडी मोदी' जैसे कार्यक्रम का कोई असर नहीं हुआ।
रमेश ने कहा, मोदी को लगा कि अगर वह अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा भारत पर की गई अपमानजनक बातों पर चुप रहें जैसे ऑपरेशन सिंदूर को रोकना, पाकिस्तानी सेना प्रमुख को खास भोज देना, आईएमएफ और विश्व बैंक से पाकिस्तान को मदद दिलवाना तो भारत को अमेरिका से विशेष दर्जा मिल जाएगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को इंदिरा गांधी से सीख लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति के सामने मजबूती से खड़ा होना चाहिए। एक अन्य पोस्ट में जयराम रमेश ने लिखा, मोदी ने 10 मई की शाम को इस उम्मीद में अचानक ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया कि ट्रंप से कोई अच्छा व्यापार समझौता हो जाएगा। लेकिन अब तक ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ। तो फिर झुकने का फायदा क्या हुआ?
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप का एक वीडियो साझा करते हुए कहा, 56 इंच, 25 से कम है! ट्रंप के इस 25% टैरिफ पर अब 56 इंच क्या कहेगा? इसे याद रखिए …। वीडियो में मोदी अबकी बार ट्रंप सरकार का लगाते दिख रहे हैं।
राज्यसभा में राजद सांसद मनोज झा ने संसद परिसर में कहा, हमें दुख है कि यह सब प्रधानमंत्री मोदी के शासन में हो रहा है। सरकार को अपनी कमियां स्वीकार करनी चाहिए, सबको विश्वास में लेना चाहिए और दिखाना चाहिए कि भारत एक मजबूत देश है।
भाकपा सांसद पी. संदोष कुमार ने ट्रंप के फैसले को भारत का अपमान बताया। उन्होंने कहा, यह भारत और उसकी प्रतिष्ठा के लिए एक और अपमान है। एक तरफ व्यापार समझौते की बात हो रही है, दूसरी तरफ ट्रंप भारत के हितों का अपमान कर रहे हैं।