3 मार्च को पूर्णिमा पर पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। चंद्रमा पृथ्वी की छाया में जाकर तांबे-लाल ‘ब्लड मून’ जैसा दिखा। भारत में यह पूर्ण रूप से नहीं रहा, बल्कि चंद्रोदय के समय कुछ मिनटों के लिए आंशिक ‘ग्रस्तोदय’ रूप में नजर आया। चंद्र ग्रहण दोपहर तीन बजकर 20 मिनट से शुरू हुआ । यह शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहा । होली के रंगों के बीच इस बार आसमान में भी अद्भुत खगोलीय दृश्य देखने को मिला। इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी की पूर्ण छाया से गुजरा। भारत में यह चंद्रग्रहण पूर्ण रूप में नजर नहीं आया बल्कि चंद्रोदय के समय आंशिक रूप से कुछ मिनटों के लिए दिखाई दिया। खगोलविदों के अनुसार यह ‘ग्रस्तोदय’ की स्थिति रही, यानी चंद्रमा उदित होते समय पहले से ही ग्रहण पर था।