पहल्गाम आतंकी हमले और उसके बाद हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर अमेरिका के हस्तक्षेप ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख और पूर्व रक्षा मंत्री शरद पवार ने केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की है कि क्या भारत-पाक संघर्ष विराम में अमेरिका की मध्यस्थता वास्तव में हुई, और अगर हां, तो यह शिमला समझौते का उल्लंघन है या नहीं।