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Raghav Chadha Join BJP: राघव चड्ढा की बगावत के बाद रंधावा ने किया पंजाब के CM पर चौंकाने वाला दावा!

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Tue, 28 Apr 2026 04:30 AM IST

कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और अन्य सांसदों के AAP छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर कहा, "पंजाब की राजनीति पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.यह लोग मन के इतने कमजोर हैं कि पार्टी के साथ खड़े नहीं हो सकते। ये लोग खुद को आम आदमी बताते हैं लेकिन इन 6-7 लोगों में से एक भी ऐसा व्यक्ति मुझे बता दीजिए जो आम आदमी हो। ऐसे करोड़ों की संपत्ति रखने वाला आम आदमी तो हर कोई बनना चाहेगा.मुझे तो ये डर है कि कहीं पंजाब के मुख्यमंत्री ही न (भाजपा में)चले जाएं.जो लोग पार्टी के नहीं हुए तो वो पंजाब के क्या होंगे? दूसरी बात ये कि जो भाजपा खेल खेल रही है वो लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है। वे पंजाब को अस्थिर करना चाहते हैं.भाजपा और AAP पंजाब को खत्म करना चाहते हैं जो कांग्रेस कभी नहीं होने देगी। कांग्रेस लोगों के बीच जाकर इस बात को बताएगी

सुखजिंदर सिंह रंधावा, जो Indian National Congress के वरिष्ठ नेता और सांसद हैं, ने हाल ही में राघव चड्ढा सहित कुछ सांसदों के Aam Aadmi Party (AAP) छोड़कर Bharatiya Janata Party (भाजपा) में शामिल होने की खबरों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के घटनाक्रम का पंजाब की राजनीति पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि जिन लोगों ने पार्टी बदली है, वे पहले से ही विचारधारा और प्रतिबद्धता के स्तर पर कमजोर रहे हैं। रंधावा ने आरोप लगाया कि ये नेता खुद को “आम आदमी” बताते हैं, लेकिन उनकी जीवनशैली और संपत्ति इस दावे के विपरीत है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर करोड़ों की संपत्ति रखने वाले लोग खुद को आम आदमी कहते हैं, तो ऐसा “आम आदमी” बनना हर कोई चाहेगा। उनके अनुसार, इन नेताओं का पार्टी छोड़ना यह दर्शाता है कि वे राजनीतिक सिद्धांतों के बजाय व्यक्तिगत लाभ और अवसरवाद को प्राथमिकता देते हैं।

 उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग अपनी ही पार्टी के प्रति वफादार नहीं रह सके, वे राज्य और जनता के प्रति कितने समर्पित होंगे, इस पर सवाल उठना स्वाभाविक है। रंधावा ने आगे चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें यह डर है कि कहीं भगवंत मान जैसे शीर्ष नेता भी भविष्य में इसी राह पर न चल पड़ें, हालांकि यह टिप्पणी अधिकतर राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखी जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने AAP और भाजपा दोनों पर निशाना साधा है, और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों तथा जनादेश के साथ विश्वासघात बताया है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान आगामी चुनावी रणनीतियों और जनमत को प्रभावित करने के उद्देश्य से दिए जा रहे हैं। कुल मिलाकर, रंधावा का यह बयान पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, दल-बदल की प्रवृत्ति और नेताओं की विश्वसनीयता को लेकर चल रही बहस को और तेज करता है, जिसमें विभिन्न दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

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