प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की विदेश यात्रा इस बार सिर्फ कूटनीति ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की वजह से भी चर्चा में रही। सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को दिए गए “मेलोडी” टॉफी गिफ्ट ने। सोशल मीडिया पर “मेलोडी” और “मेलोनी” को जोड़ते हुए वीडियो और तस्वीरें वायरल हो गईं। लेकिन इस मजेदार पल के पीछे भारत की समृद्ध कला और हस्तशिल्प की एक बड़ी कहानी भी छिपी हुई है।
दरअसल पीएम मोदी इटली की प्रधानमंत्री के लिए भारत से दो बेहद खास और खूबसूरत उपहार लेकर गए थे। पहला उपहार था असम की प्रसिद्ध मूंगा सिल्क से बनी सुनहरी रेशमी साड़ी। डार्क रॉयल ब्लू रंग और सुनहरे धागों से बुनी यह साड़ी पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से तैयार की जाती है। इसमें किसी तरह के केमिकल या कृत्रिम डाई का इस्तेमाल नहीं होता। असम की मूंगा सिल्क दुनिया की सबसे महंगी और टिकाऊ रेशमों में गिनी जाती है। इसकी खासियत यह भी है कि यह गर्मी से बचाने और पसीना सोखने में मदद करती है।
इसके अलावा पीएम मोदी ने मेलोनी को मणिपुर के दुर्लभ शिरुई लिली फूल से प्रेरित सिल्क स्टोल भी भेंट की। सफेद रंग की इस स्टोल पर गुलाबी फूलों की कढ़ाई और लाल किनारी बनाई गई है। शिरुई लिली दुनिया में केवल मणिपुर में पाया जाने वाला बेहद दुर्लभ फूल है और यह भारत की जैव विविधता का प्रतीक माना जाता है।
प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत की “सॉफ्ट पावर” का भी प्रदर्शन बन गई। उन्होंने अलग-अलग देशों के नेताओं को भारत की परंपरा, हस्तकला और कृषि विरासत से जुड़े उपहार दिए।
नॉर्वे यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने वहां के प्रधानमंत्री को सिक्किम के प्रेस्ड फूलों से बनी पेंटिंग और पेपरवेट भेंट किए। वहीं नॉर्वे के राजा के लिए ओडिशा के कटक की प्रसिद्ध तारकसी कला से बनी चांदी की सेलबोट ले गए। यह उपहार खास इसलिए भी था क्योंकि नॉर्वे के राजा हाराल्ड V को नौकायन का शौक है।
नॉर्वे के क्राउन प्रिंस को आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध कलमकारी पेंटिंग भेंट की गई। इस पेंटिंग में सूर्य और चंद्रमा के प्रतीक बनाए गए थे, जो ऊर्जा, संतुलन और जीवन के द्वैत स्वरूप को दर्शाते हैं।
स्वीडन के प्रधानमंत्री के लिए पीएम मोदी मणिपुर की लोकताक टी और लद्दाख की पश्मीना स्टोल लेकर गए। लोकताक झील के आसपास उगाई जाने वाली यह चाय अपनी शुद्धता और स्वाद के लिए जानी जाती है, जबकि पश्मीना स्टोल हिमालयी कारीगरी का बेहतरीन नमूना मानी जाती है।
संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE की यात्रा में पीएम मोदी ने वहां के क्राउन प्रिंस को बिहार के मिथिला क्षेत्र का GI टैग वाला मखाना भेंट किया। वहीं यूएई के राष्ट्रपति के लिए मेघालय का मशहूर अनानास और गुजरात का प्रसिद्ध केसर आम लेकर गए। मेघालय के अनानास अपनी मिठास और खुशबू के लिए दुनियाभर में जाने जाते हैं, जबकि केसर आम गुजरात की पहचान माने जाते हैं।
स्वीडन की क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया को मध्य प्रदेश की पारंपरिक गोंड पेंटिंग भेंट की गई। यह जनजातीय कला प्रकृति, जंगल और जीव-जंतुओं को खूबसूरत रंगों में दर्शाती है और भारत की आदिवासी संस्कृति का अहम हिस्सा मानी जाती है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा में दिए गए उपहार सिर्फ औपचारिक गिफ्ट नहीं थे, बल्कि भारत की संस्कृति, कला, कृषि और परंपराओं का वैश्विक परिचय भी थे। इन तोहफों के जरिए भारत ने दुनिया को अपनी विविधता, शिल्पकला और सांस्कृतिक समृद्धि की झलक दिखाई है।