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NEET Paper Leak: CBI ने दाखिल की 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट, फास्ट ट्रैक अदालत में होगी सुनवाई

Wed, 29 Jul 2026 12:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच को निर्णायक चरण में पहुंचा दिया है। सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा ने इस बहुचर्चित मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी के अनुसार, पेपर लीक से जुड़े साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाए गए हैं। यह चार्जशीट अब विशेष रूप से पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक अदालत के समक्ष बुधवार को पेश की जाएगी। माना जा रहा है कि इस मामले की सुनवाई तेज गति से आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

सीबीआई द्वारा दायर चार्जशीट में कुल 13 आरोपियों को नामजद किया गया है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपियों की भूमिका, पेपर लीक की साजिश, प्रश्नपत्रों के अवैध प्रसार और परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन जांच की गई है। जांच के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, डिजिटल साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए, जिनके आधार पर आरोप तय किए गए हैं। अब अदालत चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगी।

यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238 और 303(2) के तहत दर्ज किया गया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13(1)(ए) तथा सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धारा 10 के साथ पठित धारा 3, 4, 5 और 11 के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। इन धाराओं के तहत परीक्षा में धांधली, भ्रष्टाचार, साजिश और सार्वजनिक परीक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित करने जैसे गंभीर अपराधों की जांच की जा रही है।

नीट-यूजी पेपर लीक मामला देशभर में चर्चा का विषय रहा है और इसने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाने की घोषणा की है। अब सीबीआई की चार्जशीट और फास्ट ट्रैक कोर्ट में होने वाली सुनवाई को इस मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी पड़ाव माना जा रहा है। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की नजरें अदालत की आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं, क्योंकि इससे परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश जाने की उम्मीद है।

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