जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा, "लोग तरसते हैं कि हमें मेडिकल कॉलेज मिले। माता वैष्णो श्राइन बोर्ड का मेडिकल कॉलेज खुद दिया गया था। खुद सरकार ने दिया था। आज भाजपा ने वो मेडिकल कॉलेज बंद कराकर बच्चों और राज्य के बच्चों की तबाही की है। 50 सीटें आज थी तो अगले साल और 30 बढ़ सकती थी। भाजपा को आज काला दिन मनाना चाहिए। आज भाजपा ने जम्मू के साथ पक्षपात किया है। आने वाली पीढ़ी भाजपा से सवाल करेगी कि माता वैष्णो देवी कॉलेज क्यों बंद कराया?
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में स्थित श्री माता वैष्णो देवी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेस (SMVDCoMS) को लेकर हाल ही में एक बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने इस मेडिकल कॉलेज को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए MBBS दाखिले की मंजूरी देने से इनकार कर दिया है।
NMC के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद पाया कि संस्थान में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और फैकल्टी (Teaching Staff) की भारी कमी है। कमीशन के मानकों के अनुसार, एक मेडिकल कॉलेज के पास पर्याप्त संख्या में अनुभवी प्रोफेसर, रेजिडेंट डॉक्टर और अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ होनी अनिवार्य हैं। निरीक्षण के दौरान कॉलेज इन कड़े मापदंडों को पूरा करने में विफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप इसकी मान्यता पर रोक लगा दी गई।
संस्थान के पास अभी भी इस फैसले के खिलाफ अपील (Appeal) करने का विकल्प मौजूद है। कॉलेज प्रशासन NMC के समक्ष दोबारा आवेदन कर सकता है और यह साबित करने की कोशिश कर सकता है कि उन्होंने चिन्हित की गई कमियों को दूर कर लिया है। यदि कॉलेज समय रहते सभी कमियों को ठीक कर लेता है और दोबारा निरीक्षण (Re-inspection) में सफल होता है, तो भविष्य में मंजूरी बहाल की जा सकती है। आमतौर पर ऐसे मामलों में जो छात्र पहले से वहां पढ़ रहे हैं, उनकी पढ़ाई जारी रहती है, लेकिन कॉलेज को अपनी कमियों को जल्द से जल्द सुधारना होता है ताकि भविष्य में डिग्री की मान्यता पर आंच न आए।