कर्नाटक के कलबुर्गी में राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव से ठीक पहले जीएसटी सुधारों की बात कर रही है, जबकि इस फैसले के पीछे अंतरराष्ट्रीय दबाव भी झलकता है. खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार चीन के मसले पर हमेशा गलत बयानी करती रही और अब प्रधानमंत्री मोदी खुद जाकर उनसे मिलते हैं. खरगे ने आगे कहा कि भारत ने जवाहरलाल नेहरू के समय से गुटनिरपेक्ष नीति अपनाई थी, लेकिन मोदी सरकार आने के बाद से इसमें बदलाव आया है.
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने खुद को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मित्र बताया, जिसके बाद ट्रंप ने कई ऐसे बयान दिए जिन्होंने देश और दुनिया का माहौल बिगाड़ा. खरगे का कहना है कि मौजूदा सरकार विदेश नीति को सही तरीके से लागू करने में विफल रही है. खरगे ने कहा, "जो भी गरीबों के लिए अच्छा होगा, हम उसके बारे में अच्छा बोलेंगे। गरीबों के नाम पर ये लोग वोट बटोरने के लिए लोगों को परेशान करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी से हमने 8 साल पहले यह सवाल उठाया था कि अगर दो स्लैब (GST के) होंगे तो गरीबों को फायदा होगा, लेकिन उन्होंने 4-5 स्लैब लाकर लोगों को लूटा, लेकिन अब चुनाव नजदीक हैं, उन्हें कुछ समस्याएं आईं, अमेरिका ने टैरिफ लगाए... हमारी नीति गुटनिरपेक्ष नीति थी... अगर उन्होंने पहले की तरह गुटनिरपेक्ष नीति जारी रखी होती, तो यह स्थिति पैदा नहीं होती
वहीं एक बार फिर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आयोग जरूरी जानकारी साझा नहीं कर रहा, जिससे कथित वोट चोरी के आरोपियों को बचाया जा रहा है। खरगे ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले अलंद विधानसभा क्षेत्र में फॉर्म-7 के जरिए मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तब हजारों वोटरों की लिस्ट से गायब होने की बात उजागर की थी।