नेपाल में जिस तरह से अपने मांगों को लेकर सड़कों पर युवाओं का हुजूम दिखा ठीक उसी तरह ही कुछ ऐसा ही मामला लद्दाख से भी सामने आया। आपको बता दे की यहां पूर्ण राज्य का दर्जा और कई मांगों को लेकर लेह में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए जिसमें कई लोगों की जान गई। खबरों की मानें तो युवा प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों में अभी तक 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में 40 पुलिसकर्मी शामिल बताए जा रहे है। इतना ही नहीं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस बीच प्रदर्शनकारियों ने BJP और लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद के दफ्तर और कई वाहनों में आगजनी भी की है। हालांकि इस बीच सुरक्षाबल अलर्ट रहे। आपको बता दे कि भीड़ को काबू करने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले भी दागे, लाठीचार्ज किया। खैर अब लेह में कर्फ्यू लगा दिया गया है और इंटरनेट सेवा रोक दी गई है। जिससे किसी भी तरह का मामला न बढ़े। अब वहाँ के मामले को लेकर केंद्र सरकार ने भी जानकारी दी है। बताया है की मामला अब शांत है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि लद्दाख में स्थिति नियंत्रण में है और शाम 4 बजे के बाद से हिंसा की कोई घटना नहीं हुई है। गृह मंत्रालय ने एक बयान में लोगों से मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुराने और भड़काऊ वीडियो प्रसारित करने से बचने की भी अपील की गई है। बयान में कहा गया है कि सुबह हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को छोड़कर,लद्दाख में स्थिति शाम 4 बजे तक नियंत्रण में आ गई है. खबरों की मानें तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता और काउंसलर फुटसोग स्टेजिन त्सेपाग पर भड़काऊ भाषण देने के लिए मामला दर्ज किया गया है। वहीं ये भी जानकारी समाने आई है सोनम वांगचुक की अगुवाई में लगभग 15 लोग बीते 10 सितंबर से 35 दिन के धरने पर बैठे रहे। इस दौरान उनकी मांग लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा व सांस्कृतिक व सांविधानिक सुरक्षा के लिए छठी अनुसूची में शामिल किया जाए।