जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के चशोती इलाके में बादल फटने से बड़ी तबाही हुई है. इस आपदा में 46 लोगों की मौत हो गई. सभी के शव बरामद कर लिए गए है. बादल फटने की यह घटना जिस जगह पर हुई, वहां लंगर चल रहा था. बादल फटते ही वहां पर पानी तेजी के साथ आया, जिसकी चपेट में वहां मौजूद लोग आ गए. इस हादसे में 120 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद वहां रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. वहीं किश्तवाड़ जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. युद्धवीर सिंह कोतवाल कहते हैं, "अब तक 76 मरीज हमारे पास लाए गए हैं। उनमें से दो मृत अवस्था में लाए गए...हमने उनमें से ज्यादातर को जम्मू रेफर कर दिया है वहीं स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा ने कहा, "सुबह करीब 11 बजे चशोती इलाके में यह घटना घटी... मचैल माता यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने के कारण यहां भारी भीड़ थी। भारी नुकसान हुआ है... 42 शव बरामद किए गए हैं
डीडीसी चेयरपर्सन किश्तवाड़ पूजा ठाकुर ने चिशौती बादल फटने की घटना पर जानकारी देते हुए बताया कि करीब 100 से अधिक घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करते हुए प्रशासन की तत्परता की सराहना की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती में बादल फटने और इसके बाद बाढ़ आने से 46 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग जख्मी हैं. अधिकारियों का कहना है कि मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है. 75 घायलों को अठोली उप-जिला अस्पताल लाया गया है. इलाके में राहत-बचाव कार्य जारी है. उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर बनाए हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने हादसे में जान गंवाने वाले परिवार के प्रति संवेदना जताई है