5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही सियासी हलचल बढ़ना लाजमी है। इस हलचल के बीच नजरें पार्टियों के वादों पर भी होती हैं जिसे घोषणापत्र का नाम दिया गया है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को केरल विधानसभा चुनाव के लिए अपनी घोषणापत्र जारी कर चुनावी मुकाबले को और धार दे दी। घोषणापत्र जारी करने के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। इस मौके पर भाजपा ने विकास, कल्याण और सुशासन को केंद्र में रखते हुए कई बड़े वादे किए।
घोषणापत्र जारी करते हुए नितिन नवीन ने केरल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अपार प्राकृतिक और मानवीय संसाधनों के बावजूद राज्य में पिछले 17 वर्षों में औद्योगिक विकास नगण्य रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के कुशासन के कारण केरल आर्थिक ठहराव और राजकोषीय कुप्रबंधन का शिकार हुआ है।
भाजपा अध्यक्ष ने एलडीएफ और यूडीएफ पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ये दोनों दल जनता के साथ “मैच फिक्सिंग” का खेल खेल रहे हैं। उनके मुताबिक, दोनों गठबंधनों ने सत्ता हासिल करने और अपने परिवारों को फायदा पहुंचाने के लिए काम किया, जबकि राज्य के विकास को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियां कई राज्यों में साथ रही हैं और केंद्र में भी गठबंधन का हिस्सा रही हैं, लेकिन केरल के विकास के लिए कभी गंभीर प्रयास नहीं किए।
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में “नागरिक सर्वोपरि” की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर राज्य के हर नागरिक को समान अधिकार, समान न्याय और विकास के समान अवसर दिए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का घोषणापत्र आम जनता के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
घोषणापत्र में कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की गई। भाजपा ने वादा किया है कि केरल के गरीब परिवारों को प्रति वर्ष दो मुफ्त एलपीजी सिलिंडर दिए जाएंगे एक ओणम और दूसरा क्रिसमस के अवसर पर। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। पार्टी ने यह भी घोषणा की कि प्रत्येक परिवार को प्रति माह 20 हजार लीटर पानी मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी भाजपा ने बड़ा ऐलान किया है। नितिन नवीन ने कहा कि आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) का विस्तार किया जाएगा, ताकि हर मलयाली को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सके। उन्होंने इसे चिकित्सा आपात स्थितियों में एक मजबूत सुरक्षा कवच बताया।
भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और डीएमके पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति करती है और विशेष समुदायों को ध्यान में रखकर फैसले लेती है। सबरीमाला मुद्दे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब डीएमके नेताओं द्वारा हिंदू आस्थाओं का अपमान किया गया, तब कांग्रेस नेतृत्व ने चुप्पी साध ली।
इसके साथ ही भाजपा ने सबरीमाला सोना चोरी मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का भी वादा किया है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों को सजा मिल सके।
कुल मिलाकर, भाजपा का यह घोषणापत्र केरल की राजनीति में एक नया मोड़ लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य की जनता इन वादों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच किसे अपना समर्थन देती है।