कर्नाटक जीत के बाद कांग्रेस काफी उत्साहित नजर आ रही है. वही शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस विपक्षी एकता दिखानी की कोशिश कर रहे है. लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि जब विपक्षी एकता की मुहिम में शामिल सीएम नीतीश कुमार से सीएम केजरीवाल की बात हो गई थी तो फिर केजरीवाल को न्योता क्यों नहीं दिया गया?