एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसिन शाहेदी कहते हैं, "जम्मू-कश्मीर बाढ़ के बाद अब तक 216 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहाँ 7000 से ज़्यादा लोग रह रहे हैं। एनडीआरएफ की 17 टीमें वहाँ मौजूद हैं। पंजाब में भी एनडीआरएफ की 17 टीमें मौजूद हैं। पंजाब के 23 ज़िलों के लगभग 800 गाँव प्रभावित हुए हैं। पंजाब में भी 7000 से ज़्यादा लोगों को बचाया गया है।"
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 31 अगस्त और 1 सितंबर को दो दिवसीय दौरे पर जम्मू आने की संभावना है। इस दौरान वे हाल ही में बाढ़ से प्रभावित हुए क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लेंगे। सूत्रों के मुताबिक, गृहमंत्री की यह यात्रा केंद्र सरकार द्वारा आपदा प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा के मद्देनजर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनके दौरे के दौरान वे स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों से भी मुलाकात कर सकते हैं और जरूरी दिशा-निर्देश दे सकते हैं। बाढ़ से प्रभावित लोगों के बीच सरकार की सक्रियता और संवेदनशीलता को दर्शाने वाला यह दौरा, राहत कार्यों में तेजी लाने की दृष्टि से अहम साबित हो सकता है। गृह मंत्रालय की ओर से जल्द ही आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि की जा सकती है।
जम्मू संभाग में मंगलवार को हुई भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से व्यापक तबाही हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित घरखाल गांव में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है. यहाँ कई गांवों का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है. स्थानीय किसानों की फसलें, जिसमें सब्जियाँ और धान शामिल हैं, पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि लगभग 35-40 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और लोगों को भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है. सड़कें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे राहत कार्य में बाधा आ रही है. किसानों को हुए भारी नुकसान से उनकी आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ा है. देखें वीडियो