फारस की खाड़ी के ऊपर मंडराते तनाव के बीच गुरुवार को ईरान ने दुनिया को एक ऐसा दृश्य दिखाया, जिसने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों की धड़कनें तेज कर दीं। ईरान की सेना ने अपने आत्मघाती नौसैनिक ड्रोन के विशाल बेड़े की झलक सार्वजनिक की। यह कोई सामान्य सैन्य प्रदर्शन नहीं था, बल्कि एक संदेश था ऐसा संदेश जो सीधे दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक नस, होर्मुज जलडमरूमध्य, से जुड़ा हुआ है।
ईरान के सरकारी टीवी ने एक वीडियो प्रसारित किया, जिसमें एक विशाल भूमिगत परिसर दिखाई देता है। यह परिसर साधारण नहीं है। ईरानी अधिकारियों ने इसे “मिसाइल सिटी” नाम दिया है एक ऐसा गुप्त सैन्य अड्डा जहां आधुनिक हथियारों और नौसैनिक ड्रोन का विशाल जखीरा मौजूद है। फुटेज में दिखाया गया कि भूमिगत सुरंगों के भीतर कतारों में खड़े नौसैनिक ड्रोन, मिसाइलें और अन्य अत्याधुनिक हथियार तैनात हैं। यह दृश्य साफ संकेत देता है कि ईरान समुद्री युद्ध की तैयारी को नए स्तर पर ले जा चुका है। वीडियो में जो सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है, वह है आत्मघाती नौसैनिक ड्रोन की बड़ी संख्या। इन ड्रोन को यूएसवी कहा जाता है। ये ऐसे छोटे, तेज और विस्फोटक से भरे यान होते हैं, जिन्हें दूर से नियंत्रित किया जा सकता है या पहले से तय रास्ते पर भेजा जा सकता है। इनका मकसद बेहद खतरनाक होता है लक्ष्य से टकराकर विस्फोट करना।
फुटेज में यह भी दिखाया गया कि भूमिगत सुरंगों के भीतर बड़ी संख्या में ऐसे ड्रोन रखे गए हैं, जो किसी भी समय समुद्र में भेजे जा सकते हैं। कुछ वीडियो क्लिप्स में इन हथियारों को दागते हुए भी दिखाया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं बल्कि सक्रिय सैन्य अभ्यास का हिस्सा भी हो सकता है। हालांकि यह साफ नहीं किया गया कि यह रिकॉर्डिंग कब की है, लेकिन इसका प्रसारण ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में तनाव पहले से ही चरम पर है।