बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और इसके साथ ही राज्य के करोड़ों मतदाताओं के लिए एक बेहद अहम मौका सामने आ रहा है। शुक्रवार, 1 अगस्त को चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रकाशित किया जा रहा है। यह केवल एक सूची नहीं, बल्कि आपके लोकतांत्रिक अधिकार का आइना है – जिसमें आपके नाम का होना यह तय करता है कि आप आगामी चुनाव में अपनी सरकार चुन पाएंगे या नहीं।
क्या है प्रारूप मतदाता सूची और इसका क्या मतलब है?
मतदाता सूची का “प्रारूप” यानी ड्राफ्ट लिस्ट वह अस्थायी सूची है जिसे अंतिम रूप देने से पहले आम लोगों के लिए प्रकाशित किया जाता है। यह वह स्टेज है जहां मतदाता स्वयं यह जांच सकते हैं कि उनका नाम सूची में है या नहीं।
अगर किसी का नाम गलती से हट गया है, दो जगह दर्ज हो गया है, या कोई मृत व्यक्ति अभी भी सूची में है, तो अब उस पर दावा या आपत्ति दायर की जा सकती है।
विशेष गहन पुनरीक्षण में क्या सामने आया?
बिहार में इन दिनों मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण चल रहा है। 24 जुलाई तक 7.89 करोड़ मतदाताओं में से करीब 7.24 करोड़ लोगों ने अपने गणना फॉर्म भरकर जमा कर दिए हैं। इन फॉर्म में मोबाइल नंबर से लेकर जन्मतिथि और पता जैसे डिटेल्स अपडेट कराए गए हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार:
• 22 लाख मतदाता मृत पाए गए हैं।
• 7 लाख वोटरों के नाम एक से अधिक जगह दर्ज पाए गए।
• 35 लाख लोग ऐसे हैं जो बिहार छोड़कर अन्य राज्यों में स्थायी रूप से बस चुके हैं या जिनका कोई पता नहीं चला।
इन सभी को सूची से हटाने की सिफारिश आयोग ने पहले ही कर दी है। यानी कुल मिलाकर करीब 65 लाख नामों को मतदाता सूची से हटाया गया है।
SMS से हुई पुष्टि, लेकिन कुछ फॉर्म अब भी पेंडिंग
5.7 करोड़ मतदाताओं ने फॉर्म भरते समय मोबाइल नंबर दर्ज कराया था। इन्हें मैसेज के जरिए पुष्टि भेजी गई है। हालांकि, अभी भी करीब 1.2 लाख मतदाताओं के फॉर्म आयोग को वापस नहीं मिले हैं, जिनका नाम लिस्ट से गायब हो सकता है।
कैसे चेक करें अपना नाम?
1 अगस्त को जब प्रारूप सूची प्रकाशित होगी, तो आप यह जांच सकते हैं कि आपका नाम उसमें है या नहीं। इसके लिए आयोग ने वेबसाइट जारी की है:
https://voters.eci.gov.in/home/enumFormTrack#
आज (31 जुलाई) तक इस पोर्टल पर नाम सर्च करने पर यह दिख रहा है – “कृपया अपने BLO से संपर्क करें”, लेकिन कल से पूरा विवरण ऑनलाइन उपलब्ध होगा।
अगर नाम नहीं है, तो क्या करें?
2 अगस्त से राज्यभर में कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, गलती सुधारने या किसी मृत व्यक्ति का नाम हटवाने के लिए दावा/आपत्ति (फॉर्म 7) दाखिल की जा सकेगी।
इसके अलावा, जो नए मतदाता हैं या अब बालिग हो चुके हैं, वे फॉर्म 6 भरकर नाम दर्ज करा सकते हैं।
कहां होंगे ये कैंप?
• प्रत्येक प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय
• शहरी क्षेत्रों में नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम कार्यालय
• सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कैंप खुला रहेगा
• 2 अगस्त से 1 सितंबर तक रोज खुलेगा, रविवार और त्योहारों पर भी
यह सबसे खास बात है इन कैंपों में जिले का कोई भी मतदाता किसी भी केंद्र पर दावा / आपत्ति दाखिल कर सकता है, यह सुविधा अब पूरे बिहार में लागू है।
20 जुलाई को चुनाव आयोग ने सभी 12 मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को विशेष पुनरीक्षण में हटाए गए या संदेहास्पद वोटरों की सूची सौंप दी थी। इसका मकसद यह था कि अगर किसी पार्टी को किसी मतदाता की अनुचित विलोपन की जानकारी हो तो वो भी सुझाव दे सके। आयोग के मुताबिक ये पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम है।
क्यों है ये प्रक्रिया इतनी अहम?
बिहार जैसे राज्य में जहां जातीय और क्षेत्रीय समीकरण चुनाव परिणामों को प्रभावित करते हैं, वहां हर वोट की अहमियत है। एक भी नाम का गलती से हट जाना किसी परिवार की लोकतांत्रिक आवाज को चुप करा सकता है।
इसीलिए यह समय है अपने नाम की पुष्टि करने का, और अगर कुछ गलत है तो उसे सही करवाने का।
1 अगस्त को जारी होने वाली प्रारूप मतदाता सूची एक मौका है, एक चेतावनी भी। अगर आपका नाम गायब मिला तो चुप न बैठें। 2 अगस्त से लग रहे कैंपों में जाएं, दावा करें, आपत्ति दर्ज करें और सुनिश्चित करें कि आने वाले चुनाव में आप अपनी सरकार चुनने का अधिकार न खो दें।