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Himachal Cloudburst: 82 की मौत, 52 से ज्यादा लापता, रुला देगी बर्बादी की ये तस्वीर

Thu, 10 Jul 2025 12:45 PM IST
पल्लवी कश्यप वीडियो डेस्क/ अमर उजाला डॉट कॉम

हिमाचल में तबाही की तस्वीरें देखिए ये गवाह हैं कि लोगों के आशियाने उजड़ गए, इस बारिश और बाढ़ ने लोगों की जानें ले लीं। हिमाचल प्रदेश में बीती रात से सुबह तक भारी बारिश हुई है. दो जिलों सिरमौर और बिलासपुर में सामान्य से अधिक बरसात देखने को मिली है. हिमाचल प्रदेश में इस बार बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है। मंडी जिले की सराज घाटी में 30 जून की रात बादल फटने और अचानक आई बाढ़ ने सब कुछ तहस नहस कर दिया। एक ही रात में 466 घर बह गए, सिरमौर के कालाअंब में तो इतना पानी बरसा कि पुल के ऊपर से नदी बहने लगी और ट्रैफिक रुक गया, मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिन ज्यादा वर्षा होने के आसार नहीं हैं। गुरुवार को ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिला में हल्की बारिश हो सकती है। शुक्रवार को भी इन जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। मानसून कुछ कमजोर पड़ा है। बीते सप्ताह के दौरान सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है।सूबे में मॉनसून सीजन के 20 दिन में भारी तबाही हुई है और अब तक 85 लोगों की जान गई है. 34 लोग अब भी लापता हैं. मौतों में सड़क हादसे भी शामिल हैं. इस आपदा में 431 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबिक 922 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है. इसी तरह 877 पशुशालाएं और 223 दुकानें जमींदोज हुई हैं. आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट बताती है कि 881 मवेशी और 21 हजार 500 पोल्ट्री वर्ड्स मारे गए हैं. बुधवार देर शाम तक प्रदेश में एक नेशनल हाईवे और 204 सड़कें बंद थी. मंडी के सराज में अब भी राहत और बचाव अभियान चल रहा है और यहां पर अब तक 15 शव बरामद हुए हैं, जबकि 28 लोग लापता है. सैलाब की वजह से गांव के पास बना एक वाहन योग्य पुल और तीन पैदल पुल पानी में बह गए. स्थानीय लोगों के मुताबिक, नाले के किनारे बसे ग्रामीणों की उपजाऊ जमीन, खड़ी फसलें और बाग-बगीचे भी पानी और मलबे में समा गए हैं.

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