Harish Rana Euthanasia Story: 13 साल से कोमा में रहे गाजियाबाद निवासी हरीश राणा की दर्दनाक कहानी का अंत हो गया।
हरीश राणा की मां निर्मला देवी ने बेटे की हालत को लेकर बताया कि वह लंबे समय से बेसुध था और अपनी पीड़ा भी व्यक्त नहीं कर पाता था। एक मां के लिए इससे बड़ा दुख और क्या हो सकता है कि उसका बच्चा अपनी तकलीफ तक न बता सके। उन्होंने बताया कि वह रोज सुबह-शाम उसकी मालिश करती थी और उसे घर की सारी बातें सुनाती थीं। आज क्या हुआ, कौन आया, क्या-क्या हुआ। कई बार घंटों तक इंतजार करती रहती थी कि वह एक बार पलक झपका दे, ताकि मुझे लगे कि उसने मेरी बातें सुन लीं। उन्होंने कहा कि बेटे की छोटी-छोटी हरकतें ही उनके लिए सुकून का सहारा थीं।