फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SIR पर चुनाव आयोग ने जारी की लिस्ट, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने EC की बढ़ा दी मुश्किल।

Wed, 06 Aug 2025 03:16 PM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

बिहार में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग ने कहा है कि अभी तक किसी भी राजनीतिक पार्टी एसआईआर को लेकर एक भी आपत्ति का दावा नहीं किया है। चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में सभी राजनीतिक पार्टियों की सूची भी जारी कर दी है, जिसमें बताया गया है कि किसी भी पार्टी ने अभी तक एसआईआर को लेकर कोई आपत्ति नहीं की है। चुनाव आयोग द्वारा जारी सूची के अनुसार, बिहार में राजद के 47,506 बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) हैं, लेकिन 1 अगस्त 2025 से लेकर 6 अगस्त 2025 के बीच पार्टी की तरफ से एसआईआर को लेकर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है। इसी तरह कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिववादी) (उदारवादी) के 1,496 बीएलए हैं, लेकिन किसी भी बीएलए की तरफ से कोई आपत्ति नहीं जताई गई है। संसद में विपक्ष विरोध प्रदर्शन कर रही है और इसके खिलाफ आवाज उठा रही है. वहीं, दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले से अछूता नहीं है.

कोर्ट में SIR से जुड़ी याचिका दायर की गई है. कोर्ट में इन याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने याचिका दायर कर निर्वाचन आयोग ने ड्राफ्ट लिस्ट में जो 65 लाख लोगों के नाम हटाए हैं उनकी जानकारी प्रकाशित करने के लिए आयोग को निर्देश देने की मांग सुप्रीम कोर्ट से की है. ADR की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रशांत भूषण ने मामला मेंशन किया. 65 लाख लोगों को मसौदा सूची से हटाए जाने के संबंध में दाखिल आवेदन को मेंशन किया. इस पर चुनाव आयोग ने कहा कि हम ने राजनीतिक दलों को हटाए गए लोगों की सूची दी है. सुप्रीम कोर्ट ने आवेदन पर चुनाव आयोग से हलफनामा दाखिल करने को कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा?
वकील भूषण ने कहा जिन लोगों के फॉर्म प्राप्त हुए हैं, उनमें से ज्यादातर ने इनमें से कोई भी फॉर्म नहीं दिया है. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रभावित होने वाले प्रत्येक वोटर को आवश्यक जानकारी मिले. शनिवार तक जवाब दाखिल करें और भूषण को उस पर विचार करने दें, फिर हम देख पाएंगे कि क्या खुलासा हुआ है और क्या नहीं. वकील भूषण ने कहा कि ड्राफ्ट लिस्ट में 65 लाख नाम छूटे हुए बताए गए हैं. लेकिन उन 65 लाख नामों की कोई सूची नहीं दी गई है और कहा गया है कि 32 लाख लोग पलायन कर गए हैं और कोई अन्य विवरण नहीं दिया गया है. उन्हें यह बताना चाहिए कि 65 लाख लोग कौन हैं, कौन पलायन कर गया है और कौन मर चुका है. जाहिर है कि बीएलओ ने उस व्यक्ति को हटाने या न हटाने की सिफारिश की है. उन्होंने दो निर्वाचन क्षेत्रों के लिए यह प्रकाशित किया है, लेकिन अन्य क्षेत्रों का क्या? हम इन दो आवेदनों में इसका खुलासा चाहते हैं. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि चुनाव आयोग के एसओपी के अनुसार हर एक राजनीतिक दल के हर एक प्रतिनिधि को सूचित किया जाएगा. मामले पर अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी. वकील ने क्या कहा?
 

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें