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Donald Trump Vs BRICS : डॉलर के कमजोर होने का क्यों सता रहा डर? | BRICS Summit |Top News |PM Modi

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Wed, 09 Jul 2025 05:00 PM IST

ब्रिक्स देशों और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मतभेद बढ़ते ही जा रहे हैं। कारण है कि ब्रिक्स देशों ने अपने सम्मेलन में टैरिफ नीति की नींदा की थी। इसके बाद ट्रंप लगातार रूप से ब्रिक्स देशों पर डॉलर को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर वे अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने कहा कि वे अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन उनका मकसद डॉलर को खत्म करना है ताकि कोई और देश उसे अपना बना सके। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स देशों पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का एलान कर दिया है।

इसके अलावा उन्होंने टैरिफ के लागू होने की तय तिथि में कोई बदलाव न करने का भी एलान किया। यानी अब सभी देशों पर टैरिफ अब 1 अगस्त से लागू हो जाएंगे।ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि 1 अगस्त, 2025 से टैरिफ का भुगतान शुरू हो जाएगा। कोई एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा। उन्होंने पोस्ट किया, 'कल कई देशों को भेजे गए पत्रों के अनुसार और आज, कल या अगले कुछ समय में भेजे जाने वाले पत्रों के साथ टैरिफ का भुगतान 1 अगस्त, 2025 से शुरू होगा। इस तिथि में कोई बदलाव नहीं हुआ है और कोई बदलाव नहीं होगा। दूसरे शब्दों में 1 अगस्त, 2025 से सभी पैसे देय और भुगतान योग्य होंगे। अब समयसीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!इस बीच एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में टैरिफ के मामले को लेकर भारत के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर वे ब्रिक्स में हैं तो उन्हें निश्चित रूप से 10% का भुगतान करना होगा। ब्रिक्स की स्थापना हमें नुकसान पहुंचाने, हमारे डॉलर को गिराने के लिए की गई थी।


डॉलर तो राजा है। हम इसे ऐसे ही रखेंगे। अगर लोग इसे चुनौती देना चाहते हैं तो वे दे सकते हैं, लेकिन उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होगी। मुझे नहीं लगता कि उनमें से कोई भी उस कीमत को भुगतने के लिए तैयार है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'हमेशा से 1 अगस्त अंतिम तिथि रही है। अन्य देशों की ओर से ऐसे-ऐसे टैरिफ लगाए जाते हैं, जो हास्यास्पद हैं। मैंने उन देशों से बात की और अब हर कोई हमें सब कुछ देने को तैयार है। वर्षों तक उन्होंने हमें लूटा और हमारे पास ऐसा कोई राष्ट्रपति नहीं था, जो इसे समझता हो।' डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'टैरिफ रिकॉर्ड स्तर पर आने शुरू हो गए हैं। हम केवल उन अन्य देशों के नियमों का पालन कर रहे थे, जो हमसे बहुत अधिक टैरिफ वसूलते हैं। हमारा नेतृत्व बेवकूफ लोगों या बिना किसी व्यापारिक समझ वाले लोगों की ओर से किया जा रहा था। 1

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