फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Digvijay Singh In Ayodhya: अयोध्या में दिग्विजय ने लिया रामलला का आशीर्वाद, भाजपा ने साधा निशाना!

Fri, 27 Mar 2026 12:59 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

दिग्विजय सिंह ने हाल ही में राम मंदिर में विराजमान रामलला के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित इस भव्य मंदिर में पहुंचकर उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन के बाद दिग्विजय सिंह ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि “रामलला के दर्शन कर बहुत अच्छा लगा, मन को शांति और आध्यात्मिक संतोष मिला।

” उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम भारतीय संस्कृति और आस्था के प्रतीक हैं, जो लोगों को सत्य, धर्म और मर्यादा का मार्ग दिखाते हैं। उनके इस दौरे को राजनीतिक और धार्मिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दिग्विजय सिंह लंबे समय से देश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उनके इस कदम को आस्था के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव का संदेश देने वाला भी बताया जा रहा है। मंदिर परिसर में उन्होंने श्रद्धालुओं से भी मुलाकात की और वहां के पुजारियों से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद थे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक स्थल पर पहुंचकर भगवान राम के दर्शन किए। दिग्विजय सिंह ने अपने संदेश में यह भी जोर दिया कि देश में भाईचारा और एकता बनाए रखना बेहद जरूरी है और भगवान राम का जीवन हमें यही सिखाता है। उन्होंने कहा कि राम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय समाज की आत्मा हैं, जो हर वर्ग और समुदाय को जोड़ने का काम करते हैं। 

उनके इस दौरे के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, जहां इसे एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, दिग्विजय सिंह का यह दौरा न केवल उनकी व्यक्तिगत आस्था को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि भारतीय राजनीति में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का महत्व आज भी बना हुआ है।

 भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के अयोध्या दौरे पर कहा, "जो लोग राम जी के अस्तित्व को नकारते थे, 'हिंदू टेरर' बोलते थे, जिनके मुंह में प्रभु श्री राम के लिए शब्द नहीं आते थे, राम मंदिर को लटकाने-अटकाने-भटकाने का काम करते थे, आज अगर वो भी इन सबको छोड़कर प्रभु श्री राम के दरबार में पहुंचे हैं तो ये सबसे बड़ा प्रमाण है कि 'मोदी है तो मुमकिन है'.मैं केवल इतनी उम्मीद करता हूं कि दिग्विजय सिंह के वोट बैंक की तरफ से उन्हें कोई फतवा जारी न हो जाए
 

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें