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DGCA ने इंडिगो के CEO को भेजा कारण बताओ नोटिस

Sun, 07 Dec 2025 04:52 AM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले पांच दिनों से बड़े पैमाने पर उड़ान देरी और रद्दीकरण के कारण आलोचनाओं के घेरे में है। हजारों यात्री देशभर के हवाई अड्डों पर फंसे हुए मिले, जिसके बाद अब सरकार और नियामक एजेंसियों ने कड़ा रुख अपनाया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को औपचारिक रूप से कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि समयसीमा में जवाब न मिलने पर मामले का एकतरफा निपटारा किया जाएगा और दंडात्मक कार्रवाई से एयरलाइन नहीं बच सकेगी।

नोटिस में स्पष्ट लिखा है कि उड़ानों की देरी, रद्दीकरण, ऑपरेशनल चूक और यात्रियों को समय पर सहायता न देने जैसी गंभीर लापरवाहियों के लिए प्रासंगिक नियमों के तहत कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। DGCA ने इसे गंभीर ऑपरेशनल फेल्योर मानते हुए तुरंत सुधार के निर्देश भी दिए हैं।

उड़ानों के लगातार बिगड़ते शेड्यूल पर केंद्र सरकार भी हरकत में आ गई। शनिवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय की इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स के साथ लंबी और सख्त बैठक चली। बैठक में देरी और रद्द हुई उड़ानों की संख्या, फंसे यात्रियों की स्थिति, रिफंड प्रक्रिया और एयरलाइन की समग्र जिम्मेदारी पर विस्तार से चर्चा की गई।

सरकार ने साफ कहा कि इंडिगो तुरंत सामान्य संचालन बहाल करे और यात्रियों को बिना बहाने त्वरित रिफंड, भोजन, होटल सुविधा और स्पष्ट जानकारी दे। मंत्रालय के अनुसार, “मामला जांच में है और जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कठोर कार्रवाई से सरकार पीछे नहीं हटेगी।”

हवाई संचालन में गड़बड़ी के वास्तविक कारणों को समझने के लिए DGCA ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति तकनीकी समस्या, क्रू की उपलब्धता, शेड्यूलिंग त्रुटि, प्रबंधन की गलती और अन्य संभावित कारणों का विश्लेषण करेगी।

समिति यह भी सुझाएगी कि भविष्य में इस तरह की व्यापक अव्यवस्था से कैसे निपटा जा सकता है और एयरलाइन की जिम्मेदारी कहां तय होती है।

देश के कई प्रमुख एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्री रातभर फंसे रहे। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कतें आईं। कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने से यात्रियों को अतिरिक्त नुकसान झेलना पड़ा।

सरकार ने निर्देश दिया है कि:
    •    यात्रियों को तत्काल रिफंड दिया जाए
    •    होटल और भोजन की व्यवस्था की जाए
    •    देरी और रद्दीकरण की वास्तविक जानकारी समय पर साझा की जाए
    •    हर फंसे यात्री को एयरलाइन की ओर से सहायता सुनिश्चित की जाए

अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता उड़ानों को पटरी पर लाने की है, उसके बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी।

इंडिगो ने क्रू की भारी कमी के कारण इस सप्ताह बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द की थीं। शुक्रवार को जहां 1,600 उड़ानें रद्द हुईं, वहीं शनिवार को यह संख्या 800 से अधिक रही। इससे हजारों यात्री प्रभावित हुए।

मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने 25 ग्राउंडेड इंडिगो विमानों के लिए विशेष पार्किंग उपलब्ध कराई है। साथ ही-
    •    अतिरिक्त कुर्सियां,
    •    मुफ्त रिफ्रेशमेंट,
    •    बढ़ी हुई ग्राहक सेवा टीम,
    •    और 24 घंटे सक्रिय हेल्पडेस्क की व्यवस्था की गई है।

दोनों टर्मिनलों पर खानपान आउटलेट्स को पर्याप्त स्टॉक और सही दाम सुनिश्चित करने को कहा गया है। रद्द उड़ानों के यात्रियों की निकासी के लिए विशेष गेट खोले गए हैं, जहां एयरलाइन, एयरपोर्ट और CISF स्टाफ तैनात है। बैगेज लौटाने के लिए विशेष टास्कफोर्स बनाई गई है।

एयरसाइड ऑपरेशन और शेड्यूलिंग चुनौतियों के बावजूद एयरपोर्ट टीमें हालात को नियंत्रित रखने में जुटी हुई हैं। सरकार का रुख साफ है किसी भी चूक पर सख्त कार्रवाई होगी और यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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