चक्रवात दित्वाह तेजी से दक्षिणी भारत के तटों की ओर बढ़ रहा है। श्रीलंका में तबाही मचाने के बाद भारत में इसे लेकर रेड अलर्ट है। पड़ोसी देश श्रीलंका में इस तूफान से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और इतने ही लापता हैं। ऐसे में श्रीलंका से अब यह चक्रवात दित्वाह भारत के दक्षिणी तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार सुबह तक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटों पर इसके पहुंचने की संभावना है। इस तूफान से आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी सर्वाधिक प्रभावित होने वाले राज्य बताएं जा रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार चक्रवात दित्वाह तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटों के और करीब पहुंच गया है। इस तूफान के प्रभाव के कारण रेड अलर्ट जारी किया गया है।
चक्रवात उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और रविवार तड़के तक उत्तरी तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों को पार करते हुए दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पास पहुंच जाएगा।चेन्नई एयरपोर्ट पर चक्रवात के असर के चलते 35 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। वहीं कई ट्रेनों के रूट और शेड्यूल पर भी असर पड़ा है। तमिलनाडु के रामनाथपुरम और नागपट्टिनम जिले सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। चक्रवात के मद्देनजर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को रेल सेवाओं में न्यूनतम व्यवधान और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों की समीक्षा की।तमिलनाडु में चार जिलों में रेड अलर्ट और पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के दित्वाह तट के बेहद करीब से गुजरेगा। रविवार सुबह 50 किलोमीटर और रविवार शाम तक 25 किलोमीटर की दूरी से तट को पार करेगा। तूफान को लेकर मौसम विभाग ने कहा, “इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 30 नवंबर की सुबह तक उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और उससे सटे दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की बहुत संभावना है।” इधर, चक्रवात दित्वाह की गंभीर स्थिति के मद्देनजर एनडीआरएफ की 6वीं बटालियन की पांच टीमें गुजरात के वडोदरा से चेन्नई एयरलिफ्ट की गई हैं, जो कि तमिलनाडु में तैनाती के लिए भेज दी।
जानकारी के अनुसार ये टीमें फॉल वाटर रेस्क्यू और सीएसएसआर उपकरणों से पूरी तरह लैस हैं, ताकि राहत और बचाव कार्य फौरन शुरू किया जा सकें।चक्रवात दित्वाह श्रीलंका में भयानक तबाही के बाद भारत की ओर बढ़ा है। राष्ट्रपति दिसानायके ने आपातकाल लागू किया। अस्पताल, सेना और राहत एजेंसियों को तेजी से काम करने का आदेश। सरकारी आंकड़े के मुताबिक, अब तक 153 लोगों की मौत, 171 से ज्यादा लापता हैं।हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं। वहीं भारत ने 27 टन राहत सामग्री और बचाव दल भेजे हैं। कोलंबो एयरपोर्ट पर फंसे भारतीयों की मदद के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन शुरू की गई है।उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़नी शुरू हो चुकी है. पहाड़ी इलाकों में ठंड के साथ-साथ कोहरे ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. वहीं पहाड़ी इलाके से लगा पंजाब सबसे अधिक ठंड की चपेट में है. पिछले 24 घंटों में अमृतसर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा. उत्तराखंड, पंजाब के कुछ हिस्सों, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी रात का पारा 6-10 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. कई जगहों पर तो पारा सामान्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस से 3 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज हुआ.