उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला है। सीएम योगी ने जेपीएनआईसी को लेकर सपा मुखिया को आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस सेंटर को 200 करोड़ की लागत में बनना था उसका काम 860 करोड़ रुपये भी पूरा नहीं हो गया है। साथ ही, कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच चल रही है। इसीलिए बबुआ बौखला गए हैं। सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर जय प्रकाश नारायण जी को बदनाम करने का भी आरोप लगाया है। दरअसल, योगी सरकार ने अखिलेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट जेपीएनआईसी के संचालन और रखरखाव का जिम्मा लखनऊ विकास प्राधिकरण को दे दिया है।
बुधवार को गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान जेपीएनआईसी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला है। सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ में एक जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) है। जेपी गांधीवादी विचारधारा के लिए जाने जाते थे। उन्होंने परिवार वाद की मुखालफत की थी। लेकिन, ऐसे श्रद्धेय जय प्रकाश जी को समाजवादी पार्टी ने बदनाम करने का काम किया है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को आड़े हाथों लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ में बनने वाले जेपीएनआईसी सेंटर की लागत मात्र 200 करोड रुपए थी। लेकिन 2017 मार्च तक 860 करोड़ रुपये खर्च हो गया था लेकिन फिर भी काम पूरा नहीं हो पाया था। सीएम योगी ने कहा कि इसकी CBI जांच चल रही है, इसीलिए बबुआ बौखला गए हैं। ऐसे लोग नैतिकता की बात करते हैं। सीएम ने समाजवादी सरकार पर हमलावर रुख अपनाते हुए कहा कि 5 साल में सिर्फ 26 करोड़ पेड़ लगाए थे, लेकिन उसका भी कोई पता नहीं है।
मुख्यमंत्री यही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि पिछले 8 साल में 204 करोड़ वृक्षारोपण कार्यक्रम को संपन्न किया है। सीएम योगी ने कहा कि आज वृक्षारोपण कार्यक्रम पर सवाल उठाने वाले लोगों से पूछना चाहता हूं कि जब उन्हें अवसर मिला था तब वह लोग कुछ नहीं कर पाए। तब उन्होंने योजनाओं को भ्रष्टाचार का केंद्र बिंदु बना दिया था, यहां तक कि लूटपाट का केंद्र बिंदु बना दिया था।