सांसद पप्पू यादव ने कहा कि यदि हम टिकट बंटवारे में अड़चन होते तो नागेंद्र सिंह जी को प्रेम सिंह जी को, वकील दास जी को हम तो नहीं चाह रहे थे कि इन लोगों को टिकट मिले। जितेंद्र जी को पूर्णिया में मिल गया मेरे बहनोई के भाई थे हम नहीं चाह रहे थे। मेरे चाहने न चाहने से कुछ होता है कांग्रेस तो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को कोई समझता ही नहीं है तो पप्पू यादव को क्या समझेगा।