बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, "राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ये पप्पू और अप्पू की ये जोड़ी इनकी अपनी सोच और अपना आकलन नहीं है, इन लोगों की एक टीम है और वह टीम जो भी मुद्दा लिखकर देती है, उस पर बिना पुष्टि किए ये बोल देते हैं। SIR को लेकर इतना बड़ा आंदोलन इन्होंने किया लेकिन एक भी नागरिक इनके पक्ष में खड़ा नहीं हुआ। लोग SIR से खुश थे और वोटिंग का ये उत्साह उसी का नतीजा है.राहुल गांधी संविधान लेकर चलते हैं और संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाते हैं.यही वजह है कि कांग्रेस दहाई के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच पा रही है.बिहार को विकास चाहिए
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, "बिहार लोकतंत्र की जननी की धरती है। उस धरती पर रहने वाले लोगों ने राष्ट्र को एक संदेश दिया है। 2020 में जहां 57% मतदान हुआ था, वहीं इस बार पहले चरण में 65% और दूसरे चरण में यह 68% के करीब रहा। यह दर्शाता है कि बिहार ने परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति को नकार दिया है। लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार जैसे अनुभवी नेताओं पर अपना विश्वास जताया। एग्जिट पोल भी यही परिणाम दिखा रहे हैं। यह एग्जिट पोल है, एग्जैक्ट पोल में हम और भी ऊपर जाएंगे.बिहार में लोग शांति और सामाजिक सद्भाव चाहते हैं, लेकिन राजद और कांग्रेस उन्माद पैदा करते हैं. बिहार की जनता यह समझ चुकी है, NDA भारी बहुमत से सरकार बनाएगी
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता शकील अहमद के इस्तीफे पर कहा, "कांग्रेस मुक्त भारत जनता भी चाहती है। जिनका नेतृत्व परिवारवाद से बाहर नहीं आता, वे लोकतंत्र के लिए खतरा हैं और उनकी पार्टी का भविष्य भी अंधकारमय है.ऐसी मानसिकता वाले लोगों पर जनता भरोसा नहीं करती हालांकि विजय कुमार सिन्हा के इस बयान के बाद बिहार का सियासी पारा हाई हो गया है।