भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, "महागठबंधन में सिर फुटव्वल चल रहा है आज जो महागठबंधन में राजद और कांग्रेस की बीच जो आपसी खींचतान चल रही है, ये इस बात को साबित करता है कि आगे भी इनका यही स्वभाव दिखेगा इसलिए NDA के लिए मतदाता ने मन बना लिया है." उन्होंने आगे कहा, "मुकेश सहनी के साथ अन्याय हो रहा है। उनका सम्मान NDA में था लेकिन आज उन्हें वहां थाली का बैंगन बनाकर फेंका जा रहा है अगर कांग्रेस और राजद मुकेश सहनी का इस तरह से अपमान करेगी तो उन्हें भी ठेस पहुंचेगी. सहनी और मल्लाह समाज में ये संदेश चला गया है कि UPA और महागठबंधन मुकेश सहनी को अपमानित करने का काम कर रही है।"
उन्होंने कहा था कि सहनी अपना राजनीतिक कद बढ़ाने के लिए महागठबंधन में गए हैं, लेकिन अगर वहां उनका कद नहीं बढ़ा तो एनडीए का दरवाज़ा उनके लिए खुला है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि महागठबंधन के कुछ घटक दल हैं जो हर वक्त एनडीए में भी दरवाज़ा खोलकर रखना चाहते हैं, और ऐसी परिस्थिति में हो सकता है कि उनका कोई एक घटक दल एनडीए की तरफ आ जाए। हाल के बयानों में, दिलीप जायसवाल ने कहा है कि "इंडी गठबंधन" (विपक्ष) के साथ जो कुछ लोग जुड़े हुए हैं, वे आज तक भी एनडीए की तरफ अपना प्रयास जारी रखे हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एनडीए अपने "पांच पांडव" के साथ आगे बढ़ेगा और भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रहा है। यह बयान मुकेश सहनी के लिए एनडीए का दरवाजा बंद होने का संकेत देता है, क्योंकि पांच दल तय होने का मतलब है कि अब और किसी को शामिल करने की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने महागठबंधन पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अगर कांग्रेस, राजद का झोला ढोएगी तभी उसका वजूद है, और तेजस्वी यादव कभी नहीं चाहेंगे कि कांग्रेस बिहार में पैर पसारे। उन्होंने विपक्ष (महागठबंधन) को बिहार के विकास के मुद्दों पर उनके सामने आकर बहस करने की चुनौती भी दी थी। जायसवाल ने पहले मुकेश सहनी को अप्रत्यक्ष रूप से एनडीए में आने का ऑफर दिया था, लेकिन हाल ही में एनडीए में "पांच पांडव" के साथ आगे बढ़ने की बात कहकर सहनी की संभावित वापसी की गुंजाइश को लगभग समाप्त कर दिया है।