बिहार के राजनीति में मंगलवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी करीब 25 साल से गठबंधन में है। लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है कि जेडीयू ऑफिस में लगे पोस्टरों में पीएम मोदी की तस्वीर लगाई गई है। नीतीश कुमार के 2005 से 2025 के कार्यकाल में करीब तीन साल ही ऐसा वक्त रहा जब वह बीजेपी के साथ गठबंधन से वह अलग हुए। लेकिन कभी भी ऐसा नहीं देखा गया कि जेडीयू की तरफ से लगाए गए पोस्टर में कभी पीएम मोदी की तस्वीर लगाई गई हो। मंगलवार को पटना के जेडीयू ऑफिस में विकास कार्यों को लेकर कई पोस्टर लगाए गए, जिसमें सीएम नीतीश के साथ पीएम मोदी की भी तस्वीर है।
पोस्टरों में सीएम नीतीश और पीएम मोदी की तस्वीर के साथ कुछ इस तरह की लाइनें लिखी हैं- 'महिलाओं की जयकार, फिर से एनडीए सरकार, नौकरी, रोजगार खुशहाल बिहार फिर से एनडीए सरकार, लग रहे उद्योग मिल रहा रोजगार फिर से एनडीए सरकार।' यहां याद दिला दें कि जब नीतीश कुमार बिहार में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार चला रहे थे और नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। तभी 11 मई 2009 को लुधियाना में एनडीए की रैली हुई थी। वहां नरेंद्र मोदी ने मंच पर नीतीश कुमार का हाथ पकड़कर उठा दिया था। इसके बाद नीतीश कुमार बेहद नाराज हो गए थे। इसके बाद 12 जून 2010 को बिहार के अखबारों में बीजेपी की ओर विज्ञापन छपवाया गया, जिसमें उसी लुधियाना रैली वाली तस्वीर प्रकाशित की गई। इसमें लिखा था कि गुजरात सरकार ने बिहार सरकार को 5 करोड़ रुपये की मदद पहुंचाई है।
विज्ञापन देखकर नीतीश कुमार बेहद नाराज हो गए थे। उन्होंने कहा था कि ये तो नैतिकता के खिलाफ है। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी की ओर से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया तो नीतीश कुमार एनडीए से अलग हो गए थे। उसके बाद भी भले ही नीतीश कुमार एनडीए में गए, लेकिन कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि जेडीयू की तरफ से लगाई गई तस्वीरों में पीएम मोदी के साथ उनकी तस्वीर लगी हो। 2025 के बिहार चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। यहां बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एनडीए में आए नीतीश कुमार कई बार सार्वजनिक मंचों से हाथ जोड़कर दोहरा चुके हैं कि उनसे गलती हो गई थी, वह अब एनडीए को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। हालांकि इन पोस्टर्स में नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की साझा तस्वीरों के साथ केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रमुखता से दिखाया गया है.
रोजगार, महिला सशक्तिकरण और उद्योग स्थापना जैसे मुद्दों को पोस्टर्स की थीम बनाया गया है. नारे दिए गए हैं- "लग रहे उद्योग, मिल रहा रोजगार, फिर से NDA सरकार", "महिलाओं की जय-जयकार, फिर से NDA सरकार". जेडीयू ने 2024 में पॉलिटिकल क्राइसिस के समय निर्णय लिया था कि पार्टी के पोस्टर्स में केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर रहेगी. उस फैसले को अब बदलते देखा जा रहा है. पोस्टर्स में अब प्रधानमंत्री मोदी के साथ साझा प्रचार किया जा रहा है.चुनावी साल में जेडीयू का यह बदला हुआ रुख कई सियासी सवाल खड़े कर रहा है. विपक्ष लगातार यह सवाल उठा रहा था कि जेडीयू एनडीए में होकर भी पीएम मोदी के साथ खुलकर नहीं आ रही. अब पहली बार मोदी की तस्वीरों के जरिए पार्टी दफ्तर में 'डबल इंजन सरकार' की झलक पेश की गई है.