लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद भाजपा के तमाम बड़े नेताओं ने पार्टी की सीटें कम होने के लिए 'संविधान खत्म करने' के मुद्दे को एक बड़ा कारण माना था। विपक्ष के इस नैरेटिव को सत्ता पक्ष ने झूठा दुष्प्रचार करार दिया था। इसके बाद अब जिस तरह से भाजपा के बड़े नेताओं की ओर से 'बंटेंगे तो कटेंगे', 'एक हैं तो सेफ हैं' जैसे बयान दिए जा रहे हैं, उसे विपक्ष के संविधान वाले नैरेटिव का काट बताया जा रहा है।