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Akhilesh Yadav ON CM Yogi : CM योगी के जापान दौरे पर अखिलेश यादव ने कसा तंज, कह दी ये बड़ी बात!

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Thu, 26 Feb 2026 05:00 AM IST

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों जापान के दौरे पर हैं, जहां वे निवेश, औद्योगिक सहयोग और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। इस आधिकारिक यात्रा का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश आकर्षित करना, तकनीकी सहयोग बढ़ाना और राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाना बताया जा रहा है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के दौरे पर तंज कसते हुए बयान दिया कि “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापान गए हैं और समझौता ज्ञापन कर रहे हैं। कहीं जापान का नाम हमारे मुख्यमंत्री बदलकर आदित्यपुर या आदित्यपुरम न कर आएं।” उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

अखिलेश यादव का यह कटाक्ष प्रदेश में शहरों और स्थानों के नाम बदलने की पूर्व की गई कार्रवाइयों की ओर इशारा माना जा रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में कई शहरों और स्थानों के नाम बदले गए हैं, जिन्हें भाजपा सरकार सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान से जोड़कर देखती है, जबकि विपक्ष इसे प्रतीकात्मक राजनीति करार देता रहा है। ऐसे में जापान दौरे को लेकर अखिलेश यादव का यह बयान राजनीतिक व्यंग्य के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा राज्य के औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि जापान की कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया जा रहा है, खासकर विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, हरित ऊर्जा और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण औद्योगिक घरानों और प्रतिनिधियों से मुलाकातें तय हैं, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकते हैं।

वहीं समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को निवेश समझौतों के वास्तविक क्रियान्वयन पर अधिक ध्यान देना चाहिए, न कि केवल एमओयू पर हस्ताक्षर कर प्रचार करने पर। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री के जापान दौरे और उस पर अखिलेश यादव की टिप्पणी ने प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज कर दिया है। यह प्रकरण एक ओर जहां निवेश और विकास की संभावनाओं से जुड़ा है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक व्यंग्य और आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा भी बन गया है।

 

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