अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे के बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आने के बाद बड़ा दावा किया गया है। कहा जा रहा है कि हादसे से चार सप्ताह पहले ब्रिटेन के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएए) ने भी बोइंग के विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच में गड़बड़ी की शिकायत की थी। सीएए ने अपनी चेतावनी में बोइंग के पांच प्रमुख विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच की रोज जांच करने के लिए कहा था। मगर एअर इंडिया ने इसे भी नजर अंदाज कर दिया। हालांकि हादसे की जांच कर रही भारतीय एजेंसी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में इस तथ्य का जिक्र नहीं किया है। यूके सिविल एविएशन अथॉरिटी (सीएए) ने 15 मई 2025 को एक सुरक्षा नोटिस जारी किया था। इसमें कहा गया था कि बोइंग के मॉडल के विमान चलाने वाली एयरलाइन्स को अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) के एयरवर्थीनेस डायरेक्टिव को मानने की सलाह दी गई थी। एफएए ने अपने एयरवर्थीनेस डायरेक्टिव में बोइंग विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर चिंता जाहिर की थी।
सीएए ने नोटिस में कहा था कि अमेरिकी एजेंसी ने जो एयरवर्थीनेस डायरेक्टिव जारी किया है, उसके मुताबिक बोइंग के पांच प्रमुख विमान मॉडल बी737, बी757, बी767, बी777, बी787 के फ्यूल कंट्रोल स्विच में गडबड़ी की संभावनाए हैं और इसे रोज चेक करने की जरूरत है। अहमदाबाद में हादसे का शिकार हुआ विमान बोइंग 787-8 था। ब्रिटिश एजेंसी ने अपने नोटिस में यह भी कहा था कि एयरलाइंस ऑपरेटरों को बोइंग 787 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच और फ्यूल शटऑफ वाल्व एक्चुएटर्स का परीक्षण, निरीक्षण करना चाहिए और इसे बदलने की जरूरत है। जबकि नोटिस खास तौर पर यह जिक्र किया गया था कि एयरवर्थीनेस डायरेक्टिव से प्रभावित विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच की रोज जांच की जाए। सीएए की चेतावनी को भी किया गया नजरअंदाज....एएआईबी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा था कि अमेरिकी एजेंसी संघीय विमान प्रशासन (FAA) ने 17 दिसंबर 2018 को स्पेशल एयरवर्थीनेस इन्फॉर्मेशन बुलेटिन (SAIB) नंबर NM-18-33 जारी किया था। इसमें कहा गया था कि विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच का लॉकिंग फीचर निष्क्रिय होने की आशंका है। एफएए ने यह सलाह बोइंग 737 मॉडल वाले विमान के कुछ ऑपरेटरों से मिली रिपोर्ट के आधार पर जारी की थी।
ऑपरेटरों ने रिपोर्ट में कहा था कि इस मॉडल के कुछ विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच का लॉकिंग फीचर निष्क्रिय था। रिपोर्ट में कहा गया है कि अहमदाबाद में हादसे का शिकार हुए विमान में ऐसा ही फ्यूल कंट्रोल स्विच लगा था। जांच में सामने आया कि एअर इंडिया ने एफएए की सलाह के बाद भी फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग फीचर का निरीक्षण नहीं किया। इसे लेकर एअर इंडिया ने कहा था कि क्योंकि एफएए ने केवल सलाह जारी की थी, यह कोई अनिवार्य निर्देश नहीं था। इसलिए फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच नहीं की गई। एअर इंडिया के विमान के रखरखाव रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि हादसे का शिकार हुए विमान के थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल को 2019 और 2023 में बदला गया था। हालांकि यह बदलाव फ्यूल कंट्रोल स्विच से जुड़ा नहीं था। साथ ही 2023 से अब तक विमान में फ्यूल कंट्रोल स्विच से संबंधित कोई भी खराबी रिपोर्ट नहीं की गई। भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने हाल ही में अहमदाबाद हादसे को लेकर प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है। हादसे पर एक 15 पन्नों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में बताया गया कि विमान के दोनों इंजनों का फ्यूल कंट्रोल स्विच एक ही सेकंड में अचानक बंद हो गया था।