पूर्व रॉ चीफ एएस दुलत की किताब को लेकर उठे विवाद ने एक बार फिर अनुच्छेद 370 और कश्मीर मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। जबकि दुलत साफ कर चुके हैं कि उनकी किताब फारूक अब्दुल्ला की प्रशंसा है, वहीं अन्य राजनीतिक दल इसे अलग-अलग तरीके से देख रहे हैं।