मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की घोषित संपत्ति को लेकर हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। बुधवार को ऊना जिला मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी घोषित संपत्ति और उसमें हुई बढ़ोतरी को लेकर प्रदेश की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करें। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के दौरान अपना सब कुछ दान करने की बात करने वाले मुख्यमंत्री आज उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री के रूप में सामने आए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है मानो मुख्यमंत्री के पास कोई "अलादीन का चिराग" हो, जिसकी मदद से उनकी संपत्ति में इतनी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई चिराग है तो उसकी सहायता से प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद लोगों की भी मदद की जानी चाहिए। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कुछ करीबी लोग, जिनके पास पहले सीमित संसाधन थे, आज करोड़ों रुपये की संपत्ति के मालिक बन गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस संबंध में सभी तथ्यों को सार्वजनिक कर जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। राजेंद्र राणा ने दिल्ली में प्रस्तावित हिमाचल निकेतन के निर्माण को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में पहले से हिमाचल भवन और हिमाचल सदन जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं तो लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च कर नया हिमाचल निकेतन बनाने की आवश्यकता क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता से टैक्स के रूप में एकत्रित धन का उपयोग जनकल्याण की बजाय अनावश्यक परियोजनाओं और फिजूलखर्ची पर कर रही है। उनका कहना था कि प्रदेश आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में सरकार को रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास कार्यों पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए। राजेंद्र राणा ने कहा कि भाजपा मुख्यमंत्री से इन सभी मुद्दों पर प्रदेश की जनता के सामने स्पष्ट जवाब देने की मांग करती है।