उपमंडल बंगाणा क्षेत्र में शुक्रवार से गुगा जाहरवीर मंदिर में चल रही 18वीं पावन श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भक्ति और ज्ञान का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस शुभ अवसर पर उमेशा नन्द जोगीपंगा विशेष रूप से कथा स्थल पर पहुंचे और श्रद्धालुओं को दिव्य वचनों से मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवद्गीता मोक्ष प्रदान करने वाली अमृतमयी ग्रंथ है। गुरु के पल्लू से जुड़कर ही ईश्वर भक्ति का मार्ग सरल और सुलभ बनता है। सत्–चित्–आनंद श्रीमद्भागवत गीता का मूल तत्व है, और श्रीकृष्ण की महिमा के चिंतन से भगवान की प्राप्ति सहज हो जाती है। कथा वाचक प्रमोद पुंज ने भी भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे पूरा वातावरण “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा। मंदिर प्रांगण में अमन शर्मा, बलराज शर्मा, फतेहचंद, राजेश शर्मा, पूनम, राकेश शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु एवं मातृशक्ति उपस्थित रही, जिन्होंने श्रद्धा भाव से भगवद्गीता का श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया।