नैहरियां से लापता ढाई वर्षीय बच्ची को ढूंढने के लिए राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन की सिफारिश की है। बच्ची 14 नवंबर को अपने घर के पास खेलते वक्त अचानक लापता हो गई थी। आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने अंब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बच्ची का इतने लंबे समय बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया और पुलिस को एसआईटी गठित कर दस दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। जानकारी के अनुसार नैहरी खालसा निवासी धर्मेंद्र की ढाई वर्षीय पुत्री दर्शिका सुबह करीब साढ़े दस बजे घर के आंगन में अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी, तभी वह रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गई। घटना के बाद पुलिस और शिमला से बुलाई गई स्निफर डॉग स्क्वाड की टीम ने कई दिनों तक आसपास के घने जंगलों में चार-पांच किलोमीटर तक गहन सर्च अभियान चलाया था, लेकिन बच्ची का कोई निशान नहीं मिला। आयोग ने आशंका जताई है कि यदि जंगल में कोई सुराग नहीं मिला है, तो इसके पीछे किसी सक्रिय गिरोह का हाथ भी हो सकता है। इसी बैठक के दौरान आयोग के समक्ष भैरा निवासी विजय कुमार ने भी अपनी सुरक्षा को लेकर गुहार लगाई। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है कि पंजाब के कुछ शरारती तत्व उन्हें निरंतर जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं और उनके साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कुलदीप कुमार ने डीएसपी अंब को इन आरोपियों की तुरंत पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आयोग के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इन गरीब परिवारों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से ही आयोग के सदस्यों ने स्वयं अंब आकर पीड़ितों और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की है। इस महत्वपूर्ण बैठक में आयोग के सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा, विजय डोगरा और शालिनी जंवाल ने पीड़ित माता-पिता से बंद कमरे में बातचीत कर फीडबैक लिया। इस अवसर पर एसडीएम अंब पारस अग्रवाल, डीएसपी अंब अनिल पटियाल, एडवोकेट राकेश चौधरी, कबीर पंथी समाज सुधार सभा के सुरेश मियां और राकेश कतनौरिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।