इंदिरा गांधी खेल परिसर ऊना में आयोजित नॉर्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी महिला हैंडबॉल चैंपियनशिप के दौरान मंगलवार को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के बीच खेले जा रहे मुकाबले में रेफरी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। एलपीयू की हैंडबॉल कोच और टीम अधिकारियों ने आरोप लगाया कि इंटर यूनिवर्सिटी स्तर पर जब भी उनकी टीम का सामना पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से होता है, तब मैच में अक्सर एक ही रेफरी को नियुक्त किया जाता है। एलपीयू टीम के कोच स्नेहलता का कहना है कि उक्त रेफरी की ओर से दिए जाने वाले निर्णय अक्सर एलपीयू टीम के खिलाफ होते हैं, जिससे मैच के परिणाम प्रभावित होते हैं। एलपीयू अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रतियोगिता के दौरान भी उनकी टीम को हराकर बाहर करने की धमकियां तक दी गई हैं। विवाद उस समय और अधिक चर्चा का विषय बन गया जब प्रतियोगिता स्थल पर जिला उपायुक्त जतिन लाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। इस दौरान एलपीयू टीम प्रबंधन ने अपने आरोप सार्वजनिक रूप से रखे और निष्पक्ष रेफरिंग की मांग की। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के खेल निदेशक डॉ. संजय शर्मा ने इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि प्रतियोगिता के लिए रेफरियों का पैनल अखिल भारतीय हैंडबॉल फेडरेशन की ओर से भेजा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय केवल प्रतियोगिता का आयोजक है, जबकि मेजबानी महिला महाविद्यालय ऊना को दी गई है। उन्होंने कहा कि रेफरी चयन या मैच संचालन में एचपीयू का कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं है।