यूजीसी के नए नियमों को लेकर देशभर में चल रही बहस और असंतोष अब जिला स्तर पर भी खुलकर सामने आने लगा है। हाल ही में माननीय उच्चतम न्यायालय की ओर से इन नियमों पर अस्थायी रोक लगाए जाने के बावजूद सामान्य वर्ग ने इसे पर्याप्त कदम नहीं मानते हुए इसे निरस्त करने की मांग तेज कर दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर सामान्य वर्ग के युवाओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आगामी आंदोलन की औपचारिक सूचना दी। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि ये नियम न केवल सामाजिक एकता को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न वर्गों के बीच भ्रम और असंतोष भी पैदा कर रहे हैं। युवाओं का मानना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करना ही समाज के हितों की रक्षा का सबसे मजबूत माध्यम है और इसी उद्देश्य से 2 फरवरी को आक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा।