नगर परिषद ने डेढ़ बीघा जमीन की चिह्नित, डंपिंग साइट भी बनेगी
ऑर्गेनिक वेस्ट मशीन से किया जाएगा कूड़े का निष्पादन
पांच साल से अस्थायी व्यवस्था से चलाया जा रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लंबे इंतजार के बाद नगर परिषद बिलासपुर को आधुनिक कूडा संयंत्र लगाने और डंपिंग साइट के लिए जगह मिल गई है। इसके लिए शहर के पुराने इलेक्ट्रिक श्मशानघाट के पास डेढ़ बीघा भूमि चिह्नित की गई है।
नगर परिषद चयनित भूमि तक पहले सड़क का निर्माण करगी। इसके बाद भूमि को समतल किया जाएगा। फिर वहां ऑर्गेनिक वेस्ट मशीन को स्थापित होगी। नगर परिषद की योजना कामयाब रहती है तो करीब पांच साल बाद डंपिंग साइट और शहर के कचरे की समस्या का स्थायी हल मिल जाएगा। नगर परिषद के पास 66 लाख रुपये की ऑर्गेनिक वेस्ट मशीन पहले ही मौजूद है। उसे 2021 में पुणे से खरीदा गया था। लेकिन जगह नहीं मिलने से उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
नगर परिषद बिलासपुर शहर में घर-घर से कूड़ा एकत्रित करती है। प्रतिदिन करीब साढ़े चार टन कूड़ा एकत्रित किया जाता है। इसमें एक टन गीला और साढ़े 3 टन सूखा कूड़ा शामिल है। स्थायी डंपिंग साइट के अभाव में शहर का कूड़ा पहले नगर परिषद कार्यालय के पास मैदान में एकत्रित किया जाता है। इसके बाद अलग करके गीला कूड़ा पिग फार्म को दिया जाता है। सूखे कूड़े के बंडल बनाकर सीमेंट फैक्ट्री भेजे जाते हैं। कई बार फैक्ट्री की ओर से कूड़ा लेने से मना कर दिया जाता है तो मैदान में कूड़े के ढेर लगाए जाते हैं। इसके बाद घरों से भी नियमित रूप से कूड़ा लेना बंद कर दिया जाता है। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
बता दें कि 2019 में बामटा पंचायत के ग्रामीणों के विरोध के बाद खैरियां स्थित डंपिंग साइट को नगर परिषद को बंद करना पड़ा था। इसके बाद मीट मार्केट के पास ऑर्गेनिक वेस्ट मशीन को स्थापित करने की कोशिश की गई, लेकिन वहां भी लोगों ने विरोध कर दिया। अब कूड़ा संयंत्र के लिए चिह्नित की गई भूमि नगर परिषद की अपनी है। साथ आबादी से भी दूर है।
कूड़ा संयंत्र और डंपिंग साइट के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। जल्द ही भूमि तक सड़क बनाने का काम शुरू होगा। सड़क बनने के बाद वहां ऑर्गेनिक वेस्ट मशीन स्थापित की जाएगी।
-कमल गौतम, अध्यक्ष, नगर परिषद बिलासपुर